'छात्रों और युवाओं के हाथों में भारत का भविष्य', CJI सूर्यकांत बोले- महज अकादमिक डिग्रियां नहीं होती हैं सफलता का आधार

Future of India: प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि भारत का भविष्य आज के छात्रों और युवाओं के हाथों में है। उन्होंने कहा कि केवल अकादमिक डिग्रियां ही सफलता का आधार नहीं होती हैं।

Future of India: प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि भारत का भविष्य आज के छात्रों और युवाओं के हाथों में है। उन्होंने उनसे मजबूत चरित्र विकसित करने, ज्ञान प्राप्त करने और जिम्मेदार नागरिक बनने का आग्रह किया ताकि देश को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचने में मदद मिल सके। भिवानी स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि केवल अकादमिक डिग्रियां ही सफलता का आधार नहीं होतीं। उन्होंने कहा, ''इसे अनुशासन, लगन, समय का सदुपयोग और सीखने की निरंतर इच्छा के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।''

CJI Surya Kant

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत (फाइल फोटो साभार: ANI)

CJI ने छात्रों से की खास अपील

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने छात्रों से चुनौतियों का सामना करने में सकारात्मक रुख अपनाने का आह्वान किया। शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर जोर देते हुए, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल रोजगार सुनिश्चित करना नहीं बल्कि चरित्र, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना होना चाहिए। उन्होंने कहा, ''छात्रों की सफलता का आकलन केवल परीक्षा परिणामों से नहीं किया जाना चाहिए; बल्कि, हमें यह देखना चाहिए कि शिक्षा प्रक्रिया के दौरान वे किस प्रकार के नागरिक के रूप में विकसित हुए हैं।''

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