Earthquake Today in India 30 May 2026: भारत में आज कहां भूकंप आया? National Center for Seismology के अनुसार भारत में शनिवार को सुबह-सुबह दो राज्यों में भूकंप आया है। मणिपुर और नागालैंड में एक-एक घंटे के अंतराल पर दो बार भूकंप के झटके लगे हैं। मणिपुर में आज एक भूकंप की तीव्रता 3.0 है, तो वहीं नागालैंड में आए भूकंप की तीव्रता 2.9 है। इन दो राज्यों के अलावा और कहीं भूकंप नहीं आया है। दिल्ली में भी कोई भूकंपीय घटना दर्ज नहीं की गई है।
भारत में आज कहां-कहां आया भूकंप
भारत में 30 मई को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on May 30)
| भारत में भूकंप | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| नागालैंड | 2.9 | 05:21:30 | 94 KM | नोकलाक |
| मणिपुर | 3.0 | 04:21:39 | 56 KM | कामजोंग |
दुनिया में 30 मई को कहां भूकंप आया? (May 30 Tremors Worldwide)
भारत के साथ-साथ दुनिया के और कई हिस्से में आज भूकंप के कारण धरती हिली है। United States Geological Survey के अनुसार, अमेरिका, चिली, दक्षिण सैंडविच द्वीप समूह क्षेत्र, वेनेज़ुएला, पापुआ न्यू गिनी, न्यूजीलैंड में आज भूकंप आया है।
| दुनिया में भूकंप | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| पेरू | 4.2 | 09:39:15 AM | 35 KM | पचोचा |
| चिली | 4.2 | 07:18:43 AM | 122.5 KM | कैलामा |
| दक्षिण सैंडविच द्वीप समूह क्षेत्र | 5.0 | 06:08:14 AM | 95.7 KM | 59.172°S 26.386°W |
| वेनेजुएला | 4.7 | 06:01:42 AM | 134 KM | गुइरिया |
| पापुआ न्यू गिनी | 4.8 | 04:47:03 AM | 10.0 KM | लोरेंगौ |
| न्यूजीलैंड | 4.5 | 04:26:30 AM | 16.9 KM | विदरली |
भारत में सबसे ज्यादा भूकंप कहां आता है?
भारत में सबसे ज्यादा और सबसे विनाशकारी भूकंप हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी भारत में आते हैं। भूवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भारत का यह पूरा हिस्सा बेहद संवेदनशील और खतरनाक सिस्मिक जोन (जोन 5) में आता है। इसका मुख्य कारण पृथ्वी के भीतर होने वाली टेक्टोनिक हलचल है। दरअसल, भारतीय टेक्टोनिक प्लेट लगातार उत्तर की ओर बढ़ रही है और विशाल यूरेशियन प्लेट को नीचे से धक्का दे रही है। इन दो बड़ी प्लेटों के आपस में टकराने और निरंतर पैदा होने वाले भारी दबाव के कारण हिमालय पर्वत श्रृंखला के नीचे की जमीन बेहद अस्थिर हो चुकी है। जब यह आंतरिक दबाव अपनी सीमा पार कर जाता है, तो चट्टानें टूटती हैं और ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती हैं, जिसे हम भूकंप कहते हैं।
हिमालयी बेल्ट के अलावा, भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य (जैसे असम, मणिपुर, नगालैंड), जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार का कुछ हिस्सा और गुजरात का कच्छ क्षेत्र भी अत्यधिक भूकंप संभावित इलाके हैं। गुजरात का भुज और कच्छ क्षेत्र अपनी खास फॉल्ट लाइनों के कारण बड़े भूकंपों का गवाह रहा है। इसके विपरीत, दक्षिण भारत का पठारी भाग तुलनात्मक रूप से अधिक स्थिर माना जाता है, हालांकि वहां भी लातूर और कोयना जैसे क्षेत्रों में मध्यम तीव्रता के भूकंप आ चुके हैं। संक्षेप में, भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के आपसी टकराव के कारण हिमालय की गोद में बसा उत्तर और उत्तर-पूर्वी भारत देश का सबसे बड़ा भूकंपीय केंद्र है।
