Eknath Shinde: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'इंडिया' गठबंधन द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च पर जोरदार हमला बोला है। मंगलवार को मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इस मार्च को देश की न्यायपालिका पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा देश में अराजकता, भ्रम और अस्थिरता फैलाना है।
एकनाथ शिंदे का इंडिया ब्लॉक पर निशाना
'भारतीय इतिहास का काला दिन, 140 करोड़ जनता से मांगे माफी'
विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ सोमवार को दिल्ली में निकाले गए 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' को शिंदे ने भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए मोर्चा निकालना शीर्ष न्यायपालिका पर अभूतपूर्व हमला और उसका अपमान है। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। विपक्ष को अदालत से न्याय मांगने का अधिकार है, लेकिन याचिका दाखिल करने के लिए इस तरह प्रदर्शन करना सही नहीं है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं और विपक्ष को इसके लिए देश की 140 करोड़ जनता से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी के 'शिव के तांडव' वाले बयान पर पलटवार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा इस प्रदर्शन की तुलना भगवान शिव के 'तांडव' और 'बारात' से करने पर शिंदे ने तीखा ऐतराज जताया। शिंदे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के लिए भगवान शिव के तांडव का जिक्र करना महादेव का अपमान है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, विपक्ष को याद रखना चाहिए कि अगर भगवान शिव ने अपना तीसरा नेत्र खोल दिया, तो 'इंडिया' ब्लॉक पूरी तरह भस्म हो जाएगा।
देश को अस्थिर करने का आरोप
एकनाथ शिंदे ने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें भी भारत को अस्थिर करने में लगी हैं और विपक्ष उनकी भाषा बोल रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों का उदाहरण देकर देश में अशांति और तख्तापलट का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। शिंदे ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगातार तीन बार हारने के बाद विपक्ष बौखला गया है। जब वे तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में चुनाव जीतते हैं तो ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाते, लेकिन हारने पर संस्थाओं पर आरोप लगाने लगते हैं। यह उनका दोहरा रवैया है।
