Times Now Summit 2026: राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने शुक्रवार को टाइम्स नाउ समिट 2026 में अपने चिर-परिचित अंदाज में खुलकर बात की और कहा कि मैं राहुल गांधी से सीखता हूं और अगर वो शायर हो जाएंगे तो फिर मैं क्या करूंगा। साथ ही उन्होंने 'टीशर्ट' वाले बयान को लेकर केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू पर जमकर पलटवार किया और कहा कि वह देश के 50 फीसदी युवाओं का अपमान कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी
क्या कांग्रेस में आकर बंध गए हैं? इस सवाल पर प्रतापगढ़ी ने कहा, ''यह सवाल अक्सर पूछा जाता है। दरअसल, अपनी आजादियां अपनी आप खुद खत्म करते हैं या बचा कर रखते हैं। अपनी आजादी को खुद बचा कर रखिए... अगर आप चाहेंगे कि आपको आजाद रहना है तो आपको दुनिया की कोई कैद आपको कैद नहीं कर सकती है। मेरा मानना है कि मैं आजाद हूं और कांग्रेस पार्टी कम से कम आपको इतनी आजादी देती है कि आपकी रचनात्मकता सम्मान करती है। कई बार व्यक्तिगत मुलाकात में राहुल जी, प्रियंका जी और खरगे जी कहा करते हैं कि मुशायरों में और जाया करो।''
प्रतापगढ़ी से पढ़े शेर
खुद को राहुल गांधी को सिपेसालार बताते हुए शायराना अंदाज में प्रतापगढ़ी ने कहा कि कैंची से चरागों की लबें काटने वालों, कुदरत के करिश्मों से लड़ोगे तो मिटोगे। तुम फूल को चुटकी में मसल सकते हो, लेकिन खुशबू को बिखरने से नहीं रोक सकोगे... उन्होंने आगे कहा, ''हम मोहब्बत की खुशबू लेकर पूरे देश में जा रहे हैं... केरलम से अभी आ रहा हूं और केरलम में मोहब्बत की खुशबू फैलने जा रही है। हम वहां सरकार बनाने जा रहे हैं... शुरुआत हमने समंदर के साहिल से की है।''
ओवैसी पर खुलकर बोले प्रतापगढ़ी
ओवैसी से जुड़े सवाल पर प्रतापगढ़ी ने मुनव्वर राणा का शेर पढ़ते हुए कहा, ''ये सहरा है, मियां, सहरा में चालाकी नहीं चलती; यहां मजनू की चल जाती है, लैला की नहीं चलती।'' तो क्या कांग्रेस पार्टी मजनू है? इस पर उन्होंने कहा कि जो मजनू और लैला की कहानी सुनाकर गए हैं आप उन्हीं से पूछिएगा। मैं राजनीति में हूं और मुझे लगता है कि नई पीढ़ी को लैला-मजनू की कहानी सुनाने की बजाय, एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की कहानियां सुनाए तो वह ज्यादा उनकी जिंदगी से जुड़ी हुई होंगी।
'हार के बाद कांग्रेस में कोई मंथन नहीं' जैसे सवाल पर प्रतापगढ़ी ने कहा कि मैं बहुत बौद्धिक बात करूंगा तो आपको लगेगा कि मैं बहुत उसूलों वाली बात कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि साम, दाम, दंड, भेद, येन, केन, प्रकारेण, जो चुनाव लड़ते हैं हम उनसे चुनाव लड़ते हैं। हम सिर्फ राजनीतिक दलों से चुनाव नहीं लड़ते हैं। इस दौर में हम लड़ रहे हैं, जब तमाम संस्थान दंडत्व हो गए हैं। ऐसे समय में एक राजनीतिक दल है, जो कह रहा है कि हम वोट लेने के लिए हिंदू-मुसलमान नहीं करेंगे। नफरत की राजनीति नहीं करेंगे।
राहुल की तारीफ में पढ़े कसीदे
प्रतापगढ़ी ने राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए कहा कि राहुल गांधी के साथ राजनीति करने के अलावा उनका प्रशंसक इसलिए हूं, क्योंकि वह वोट लेने के लिए झूठ नहीं बोलता है। नफरत की बात नहीं करता है। मुझे पूरा भरोसा है कि आज नहीं तो कल देश का युवा वर्ग यह समझेगा... आज जो कतारों में लगे हैं, उन्हें नोटबंदी या उसके बाद की कतारें याद आएंगी। आपको आज हमारी लड़ाई थोड़ी मुश्किल लग रही है, लेकिन आने वाली सदियों में लोग कहेंगे कि एक वक्त में चारों तरफ जब शिंकजा कसा था तब कुछ जांबाज लोग थे, जो राहुल गांधी अगुआई में लड़ रहे थे।
'कई जांबाज कांग्रेस छोड़कर जा रहे हैं और कहते हैं कि राहुल गांधी समय नहीं देते हैं?' इस पर प्रतापगढ़ी ने कहा कि उन लोगों से जरा पूछिएगा कि नरेंद्र मोदी क्या उन्हें समय देते हैं... जो राहुल गांधी के साथ पहली फेहरिस्त में बैठे रहते थे, आज वो सातवीं लाइन में दिखाई देते हैं और मैं यह किसी एक का जिक्र नहीं कर रहा हूं... आप बहुत बेहतर की तलाश में जो गए थे तो क्या आपको वो मिला...''
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी समय नहीं देते हैं यह झूठ बोल गए, जो सबसे बड़ा झूठ है, क्योंकि किसी के पीछे ईडी थी, सीबीआई थी, लेकिन कारण क्या बताएं। इसलिए राहुल गांधी को कहा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रापर समय देते हैं। हम जब चाहते हैं छोटी सी कोशिश में मुलाकात हो जाती है। मैं 3-4 दिन पहले ही उनसे मिला था।
किरेन रिजिजू पर किया पलटवार
प्रतापगढ़ी ने किरेन रिजिजू द्वारा राहुल गांधी की टीशर्ट वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि संसद का कोई ड्रेसकोड नहीं है कि आप टीशर्ट में नहीं आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप देश के 50 फीसदी युवाओं का अपमान कर रहे हैं यह कहकर कि जो टीशर्ट पहनता है वो संजीदा नहीं होता है। उन्होंने आगे कहा कि किरेन रिजिजू जी भाजपा में हैं और उन्हें संसदीय कार्य मंत्री का काम दिया गया है। उन्हें वहां वह तय करें कि कौन पेट्रोलियम मंत्री होगा। कौन रेल मंत्री होगा। वह यह तय नहीं करेंगे न कि कौन विपक्ष का नेता होगा। यह तो पार्टी तय करेगी।
