IAF को मिलेगा स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर, जोधपुर में पहला LCH स्क्वाड्रन होगा वायुसेना में शामिल

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  • Updated Oct 2, 2022, 10:02 AM IST

LCH Helicopter: भारत में बने दुनिया के सबसे घातक और हल्के अटैक हेलीकॉप्टर, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर LCH भारतीय वायुसेना का हिस्सा बनने जा रहे हैं। इंडियन एयरफोर्स ने लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर के पहले स्क्वाड्रन को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है।

Air Force News: 3 अक्तूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना एलसीएच (LCH Helicopter) के पहले स्क्वाड्रन को आधिकारिक तौर पर जोधपुर (Jodhpur) में रेज करने वाली है। पाकिस्तान (Pakistan) की सीमा के नजदीक भारतीय वायु सेना (Indian Airforce) का यह एलसीएच स्क्वाड्रन पश्चिमी सीमा से घुसपैठ और आतंकवाद रोकने में मदद करेगा। लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर को एचएएल द्वारा भारत में ही बनाया गया है और यह अब तक का सबसे हल्का अटैक हेलीकॉप्टर है जिसका वजन 5800 किलो है। इस हेलीकॉप्टर में 700 किलो की मिसाइल को भी इंटीग्रेट किया जा सकता है।

LCH Helicopter

एलसीएच हेलीकॉप्टर

दुनिया का सबसे घातक अटैक हेलीकॉप्टर है LCH

लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर दुनिया के सबसे घातक अटैक हेलीकॉप्टर्स में से एक है क्योंकि यह 15000 फीट तक की ऊंचाई पर भी आसानी से ऑपरेट कर सकता है। अब तक भारतीय वायुसेना युद्ध क्षेत्र के हेलीकॉप्टर्स के तौर पर रूस के Mi35 और Mi25 हेलीकॉप्टर्स का इस्तेमाल कर रही थी, जिसमें से एक स्क्वाड्रन को फेज आउट किया जा चुका है जबकि एलसीएच के इंडक्शन के बाद Mi 35 ओवरहाल के लिए भेजा जा सकेगा। एलसीएच के अलावा भारतीय वायु सेना को अमेरिका के बोईंग एएच-64ई (AH-64E) अपाचे हेलिकॉप्टर भी मिल चुके हैं।

10 एलसीएच तैयार कर चुका है HAL

पहले चरण में HAL 10 एलसीएच तैयार कर चुका है जबकि कुल मिलाकर अगले 2 सालों में उसे डेढ़ सौ लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर्स तैयार करने हैं, जिनमें से 95 भारतीय सेना की सात अलग-अलग यूनिट्स में शामिल होंगे। जुलाई के महीने में भारतीय सेना ने भी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर की पहली यूनिट रेज की है जिसे जल्द ही उत्तर पूर्वी मोर्चे पर तैनात किया जाएगा जहां भारत और चीन की सेना आमने सामने है। इसी मोर्चे पर भारतीय वायु सेना ने हाशिमारा में रफाल के दूसरे स्क्वाड्रन को भी तैनात किया है।

एलसीएच की खूबियां

LCH की रफ्तार 268 किमी प्रतिघंटा है, जबकि इसकी रेंज 550 किलोमीटर से भी ज्यादा है। एलसीएच एक बार में 3 घंटे से ज्यादा की उड़ान भर सकता है। यह भारत में हाई एल्टीट्यूड एरियाज में 15000 फीट तक की ऊंचाई पर भी उड़ान भर सकता है। इसमें 20 एमएम कैनन के अलावा जरूरत के हिसाब से अत्याधुनिक बम और रॉकेट भी इंटीग्रेट किए जा सकते हैं। एलसीएच में लगाए गए अत्याधुनिक सेंसर और एविओनिक्स दूर से ही दुश्मन कि किसी भी गतिविधि की चेतावनी दे देते हैं यानि एलसीएच पर वार करना नामुमकिन है। भारतीय वायु सेना के पहली स्क्वाडर्न में शामिल होकर यह अटैक हेलीकॉप्टर चीन और पाकिस्तान के खिलाफ भारत के डेप्लॉयमेंट को और मजबूती देगा।

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