Digvijay Singh: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसे लेकर समूचा विपक्ष सरकार और ट्र्स्ट पर हमलावर है। राम मंदिर चंदे में कथित गबन के मामले में अब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सरकार को निशाने पर लिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि शुरू में ही इस मामले में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। दिग्विजय सिंह ने कई सवाल उठाए हैं।
दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल
मैंने 1,11,000 रुपये दान किए थे
रतलाम, मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, मैंने 1,11,000 रुपये दान किए थे... मैंने भुगतान चेक के माध्यम से किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को नियुक्त किया था, फिर भी वे आज तक चुप हैं... इस मामले में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि बड़े पैमाने पर लूट हुई थी, फिर भी शुरू में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। एफआईआर हाल ही में दर्ज की गई है... पुलिस को रिमांड मांगनी चाहिए थी।
विपक्ष की तरफ से चंदा गबन के आरोप में तमाम नेताओं और पदाधिकारियों के नाम लिए जा रहे हैं। मामले में FIR दर्ज हुई और आज यानी शुक्रवार 26 जून को 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। राम मंदिर चढ़ावा लूट मामले में अब तक क्या कुछ हुआ है, चलिए जानते हैं पूरी टाइम लाइन -
मंदिर ट्रस्ट की 2024-25 में 327 करोड़ की आमदनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2024 में अयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन किया था। जब से मंदिर का उद्घाटन हुआ है, तभी से मंदिर में बड़ी मात्रा में चढ़ावा आ रहा है। साल 2024-25 मंदिर ट्रस्ट ने कुल 327 करोड़ रुपये की आमदनी की जानकारी दी, जिसमें से 153 करोड़ चढ़ावे के रूप में मिली।
कैसे हुआ चंदा चोरी का शक?
कथित चंदा चोरी को लेकर भले ही चर्चा अब हो रही हो, लेकिन इसको लेकर मंदिर ट्रस्ट को शक मई में ही हो गया था। मई के अंतिम सप्ताह में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियो ने बैंक में जमा हो रही रकम का ब्यौरा देखा और दानपेटियों में औसत से कम चढ़ावा आने पर उन्हें शक हुआ। बस फिर क्या था, इस कथित चोरी को पकड़ने के लिए, जिस कमरे में दान पेटियां खोलकर गिनती होती थी और नोटों की गड्डियां बनती थी वहां हिडन कैमरे लगा दिए गए।
