Article 370: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा कि वह पुलिस जांच में सहयोग करेंगी, लेकिन अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना उनका अधिकार है। इल्तिजा से हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी पर कथित हमले के सिलसिले में शुक्रवार को पूछताछ की गई।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा (फाइल फोटो)
महबूबा मुफ्ती और इल्तिजा के खिलाफ मामला दर्ज
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ मंगलवार को पार्टी के प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी से कथित तौर पर मारपीट को लेकर मामला दर्ज किया गया था। यह प्रदर्शन पांच अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में किया गया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 132, 121 और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
दो घंटे तक इल्तिजा से पुलिस ने की पूछताछ
शुक्रवार को इल्तिजा को कोठीबाग थाने में बुलाया गया और उनसे लगभग दो घंटे तक पूछताछ की गई। बाद में पत्रकारों से पीडीपी नेता ने कहा कि उन्होंने पुलिस से कहा कि वे जो कुछ भी जानना चाहते हैं, उसमें सहयोग करने में उन्हें खुशी होगी। उन्होंने कहा, "अगर मेरे खिलाफ जांच होती है, तो मैं सहयोग करने को तैयार हूं। मैं पहली महिला या आखिरी कश्मीरी नहीं हूं, जिसे पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है।"
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इल्तिजा ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्तिगत मुद्दे के लिए नहीं, बल्कि हर कश्मीरी की ओर से है और यह "गैरकानूनी नहीं" है। उन्होंने कहा, "अनुच्छेद 370 के बारे में बात करना मेरा कानूनी अधिकार है। एक भारतीय नागरिक के तौर पर मुझे अनुच्छेद 370 को बहाल करने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से संघर्ष करने का हक है। मैं भारत सरकार को बताना चाहती हूं कि मैं जो कर रही हूं, वह गैर-कानूनी नहीं है।"
