HSTDV: रक्षा क्षेत्र में भारत की एक और छलांग, हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल का सफल परीक्षण, जानें खूबियां

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 27, 2023, 04:22 PM IST

DRDO ने हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेशन व्हीकल (HSTDV) की उड़ान परीक्षण किया। इसके साथ ही हाइपरसोनिक एयर-ब्रीदिंग स्क्रैमजेट तकनीक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने आज ओडिशा के तट से दूर व्हीलर द्वीप में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम लॉन्च कॉम्प्लेक्स से 1103 घंटे में हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेशन व्हीकल (HSTDV) की उड़ान परीक्षण के साथ हाइपरसोनिक एयर-ब्रीदिंग स्क्रैमजेट तकनीक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है।

Hypersonic Technology Demonstrator Vehicle

हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल का सफल परीक्षण

हाइपरसोनिक क्रूज वाहन को एक सिद्ध ठोस रॉकेट मोटर का उपयोग करके लॉन्च किया गया था। जो इसे 30 किलोमीटर (किमी) की ऊंचाई तक ले गया। जहां हाइपरसोनिक मैक नंबर पर एयरोडानामिक हीट ढाल अलग हो गए थे। क्रूज वाहन लॉन्च वाहन से अलग हो गया और योजना के अनुसार एयर इंटेक ओपन हो गया। हाइपरसोनिक दहन कायम रहा और क्रूज वाहन ध्वनि की गति के छह गुना यानी करीब 02 किमी/सेकंड के वेग से 20 सेकंड से अधिक समय तक अपने वांछित उड़ान पथ पर चलता रहा। स्क्रैमजेट के ईंधन इंजेक्शन और ऑटो इग्निशन जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं ने तकनीकी परिपक्वता का प्रदर्शन किया। स्क्रैमजेट इंजन ने टेक्स्ट बुक तरीके से प्रदर्शन किया।

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