DK शिवकुमार की कैबिनेट में कितने होंगे मंत्री? फंसा है पेच, प्रदेश अध्यक्ष पर भी नहीं हो पाया फैसला

कर्नाटक मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित कुल 34 मंत्री शामिल हो सकते हैं। ऐसे में मंत्री पद के दावेदारों की बड़ी संख्या और सीमित पदों को देखते हुए शिवकुमार के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। नेताओं में मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। कई नेताओं ने दिल्ली पहुंचकर अपनी दावेदारी मजबूत की है।

Karnataka Politics: कर्नाटक में कांग्रेस की चुनौतियां कम नहीं हो रहीं हैं। काफी मशक्कत के बाद सीएम पद की गुत्थी तो उसने सुलझा ली है लेकिन नई सरकार के गठन में उसके सामने कई और चुनौतियां पेश आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो सबसे बड़ी चुनौती मंत्रियों की संख्या और उनकी दावेदारी को लेकर है। कई नेता मंत्री पद का दावा कर रहे हैं। तीन जनवरी को डीके शिवकुमार को सीएम पद की शपथ दिलाई जानी है। शिवकुमार के साथ कैबिनेट में कितने मंत्री शपथ लेंगे, इस पर अभी निर्णय नहीं हो सका है। मंत्रियों की संख्या और उनके नाम पर सस्पेंस बरकरार है। सूत्रों का कहना है कि कितने विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा और कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या को लेकर कांग्रेस में लंबी-लंबी बैठकें हुई हैं लेकिन अभी कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। यही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष पद पर भी अभी कोई नाम तय नहीं हो पाया है।

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तीन जून को सीएम पद की शपथ लेंगे डीके शिवकुमार। तस्वीर-AI

DK के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती

कर्नाटक मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित कुल 34 मंत्री शामिल हो सकते हैं। ऐसे में मंत्री पद के दावेदारों की बड़ी संख्या और सीमित पदों को देखते हुए शिवकुमार के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। नेताओं में मंत्री पद के लिए लामबंदी तेज हो गई है। कई नेताओं ने दिल्ली पहुंचकर अपनी दावेदारी मजबूत की है। सिद्दारमैया कैबिनेट के पुराने चेहरे और विधायक जोर-आजमाइश कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि शिवकुमार अपनी कैबिनेट में जातीय एवं क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकते हैं। सिद्दारमैया के करीबी नेताओं को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है।

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