यादवों की संख्या इतनी अधिक कैसे हो गई? बिहार जाति गणना सर्वे रिपोर्ट पर जीतनराम मांझी ने उठाए सवाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 5, 2023, 02:09 PM IST

बिहार में जाति गणना सर्वे रिपोर्ट पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतनराम मांझी ने सवाल उठाया कि यादवों की संख्या इतनी अधिक कैसे हो गई।

बिहार में जातीय गणना सर्वे रिपोर्ट आने के बाद से सियासी हलचल तेज है। कई नेताओं ने इसमें गड़बड़ी की शिकायत की। उपेंद्र कुशवाहा के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतनराम मांझी ने यादवों की जनसंख्या पर सवाल उठा दिया है, उससे सबसे अधिक बताया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी जातियों की संख्या कम दिखाने के लिए यादवों की उपजातियों में इसमें शामिल कर दिया गया है। जबकि अन्य जातियों को अलग अलग दिखाया गया।

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यादवों की संख्या पर जीतन राम मांझी ने सवाल उठाए

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा 1931 की जातीय जनगणना की तुलना में यादवों की संख्या 4 प्रतिशत बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इतना अधिक कैसे हो गया। दूसरी जातियां कम कैसे हो गईं। उन्होंने कहा कि यादव के नाम पर 8 से 10 जातियों को एक साथ मिल दिया गया।

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