Monsoon Session: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। अमित शाह जैसे ही राज्यसभा में 'पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ऑपरेशन सिंदूर' पर विशेष चर्चा के दौरान विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान विपक्ष ने 'PM कहां हैं' के नारे लगाए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फोटो साभार: संसद टीवी)
'PM को सुनकर और तकलीफ होगी'
विपक्ष की नारेबाजी के बीच अमित शाह ने कहा कि पीएम साहब यहां अपने कार्यालय में ही हैं। उनको ज्यादा सुनने का सौख है क्या? मेरे से निपट रहा है काहे को प्रधानमंत्री को बुला रहे हो, और तकलीफ होगी। यह लोग समझते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पहलगाम हमले में हमारे नागरिकों को मारा गया धर्म पूछकर हम उन सभी के परिवार के संवेदना व्यक्त करता हूं। ऑपरेशन सिंदूर और महादेव के लिए सुरक्षाबलों का अभिनंदन करता हूं और प्रधानमंत्री को सटीक जवाब देने के लिए धन्यवाद देता हूं।
सरकार पर बरसे मल्लिकार्जुन खरगे
इस बीच, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सदन के सदस्यों की पहले से ही मांग थी कि 16 घंटे चर्चा होने के बाद प्रधानमंत्री आकर अपनी बातें रखेंगे... हमारे लोगों द्वारा उठाए गए बहुत से सवाल उनसे संबंधित हैं। हम यह नहीं कहेंगे कि आप काबिल (अमित शाह) नहीं हैं। आप हमें निपटाइये, हम आपको निपटाएंगे। यह खेल खेलेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री यहां रहते हुए भी इस सदन में नहीं आते हैं तो यह सदन का अपमान है। इसीलिए सदन का अपमान करना, सदस्यों का अपमान करना यह ठीक नहीं है।
मल्लिकार्जुन खरगे के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि ज्यादातर अहम मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी खरगे साहब को बोलने नहीं देती है और वह इस मुद्दे को उठा रहे हैं। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। इस पर गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष की मांग और स्टैंड दोनों उचित नहीं है। जवाब कौन देगा यह सरकार तय करेगी, यह क्यों जा रहे है। यह डिबेट सुन ही नहीं सकते। इन्होंने आतंकवाद रोकने के लिए कुछ नहीं किया।
अमित शाह ने कहा कि तीनों आतंकियों को हमारे सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया। सुलेमान की रायफल से पहलगाम में गोलियां चली थी, हमारे सुरक्षा बालों ने उसे पाकिस्तान नहीं भागने दिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में लश्कर का हाथ था इ और हमने लश्कर का हेडक्वाटर छिन्न-भिन्न कर दिया। उन्होंने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा का एक ऑउटफिट है TRF, इन्होंने निर्दोषों को मौत के घाट उतरा था, हमारी चिंता थी कि यह लोग पाकिस्तान न भाग जाएं, लेकिन 100 दिन बाद भी उपलब्ध मिले और हमारी सेना ने मौत के घाट उतार दिए गए।
'क्या PAK को बचाना चाहते थे चिदंबरम'
गृह मंत्री ने कहा कि चिदंबरम जी ऑपरेशन को चैलेंज कर रहे हैं। आप किसको बचाना चाहते थे आपको शर्म नहीं आती है। उन्होंने कहा कि चिदंबरम से पूछता हूं की आप किसे बचाना चाहते हैं पाकिस्तान या लश्कर को? जिस दिन यह सवाल पूछा उसी दिन ये आतंकी ढेर हो गए। उन्होंने कहा कि महादेव देखिए क्या करते हैं जिस दिन यह सवाल पूछा उसी दिन यह आतंकवादी ढेर हो गए। इस दौरान अमित शाह ने कांग्रेस की मानसिकता पर भी सवाल उठाए।
शाह ने कांग्रेस के एक अन्य नेता पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान का उल्लेख किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार को ऑपरेशन का धार्मिक नाम रखने के अलावा कुछ नहीं आता। गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को यह नहीं मालूम है कि शिवाजी महाराज ने मुगलों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी थी, उनकी सेना का युद्धघोष ‘‘हर हर महादेव’’ ही था। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं की विभिन्न डिवीजनों के युद्ध घोष देवी देवताओं के नाम पर हैं, जिसे भाजपा ने नहीं रखा। उन्होंने कहा कि विपक्ष पूछ रहा है कि आतंकवादी आज ही क्यों मारे गये? शाह ने प्रति प्रश्न किया ‘आप आतंकवादियों को कितना जिंदा रखना चाहते हैं?’
गृह मंत्री के संबोधन की मुख्य बातें:
- लोग चाहते थे कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों के सिर में गोली मारी जाए, सभी 3 आतंकवादियों को सुरक्षाकर्मियों ने सिर में ही गोली मारी।
- कांग्रेस की प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा नहीं, बल्कि राजनीति है; वह वोटबैंक और तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त है।
- इस तरह के बर्बर अपराध कभी नहीं हुए, जहां लोगों को महिलाओं, बच्चों के सामने मारने से पहले उनका धर्म पूछा गया।
- कांग्रेस ने पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) पाकिस्तान को दिया लेकिन भाजपा सरकार उसे वापस लेगी।
