हिंदी साहित्य के प्रोफेसर और विद्वान लेखक रामदरश मिश्र का निधन

हिंदी और भोजपुरी साहित्य जगत आज शोक में डूबा है। प्रख्यात कवि, कथाकार और आलोचक प्रोफेसर रामदरश मिश्र का निधन साहित्य के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने अमूल्य योगदान से हिंदी साहित्य को नई दिशा और पहचान दी।

Ramdarash Mishra Death: आज हिंदी और भोजपुरी साहित्य जगत ने अपने एक महान सपूत को खो दिया है। प्रसिद्ध कवि, कथाकार और आलोचक प्रोफेसर रामदरश मिश्र के निधन से साहित्य जगत में गहरा शोक व्याप्त है। बता दें कि, उन्होंने अपने लेखन, विचारों और सृजनशीलता से हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उनके निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रामदरश मिश्र का जाना साहित्य क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय हानि है। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की।

Hindi literature professor and scholar Ramdarsh ​​Mishra passes away

हिंदी साहित्य के प्रोफेसर और विद्वान लेखक रामदरश मिश्र का निधन

गोरखपुर में हुआ था जन्म

15 अगस्त 1924 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के डुमरी गांव में जन्मे प्रोफेसर रामदरश मिश्र का पूरा जीवन साहित्य साधना को समर्पित रहा। वे केवल एक सशक्त कवि ही नहीं, बल्कि एक गहन चिंतक, कुशल कथाकार और समर्पित शिक्षक भी थे। कविता, कहानी, आलोचना और निबंध—साहित्य की हर विधा में उन्होंने अपनी रचनात्मकता की अमिट छाप छोड़ी।

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