तमिलनाडु विधानसभा में राज्यपाल ने नहीं पढ़ा अभिभाषण, छिड़ा भारी विवाद, स्टालिन ने की निंदा

राज्यपाल आर. एन. रवि ने विधानसभा में द्रमुक सरकार द्वारा तैयार परंपरागत अभिभाषण पढ़ने से इसलिए इनकार कर दिया, क्योंकि उसमें कई अप्रमाणित दावे और भ्रामक बयान शामिल थे। लोकभवन ने यह दावा किया। राज्यपाल रवि परंपरागत अभिभाषण की शुरुआत में राष्ट्रगान बजाने की मांग कर रहे थे, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि परंपरा के अनुसार शुरुआत में तमिल थाई वाज़्थु और अंत में राष्ट्रगान बजाया जाता है।

तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि राज्य विधानसभा में साल के पहले सत्र के दौरान मंगलवार को अपना परंपरागत अभिभाषण पढ़े बिना ही सदन से बाहर चले गए। उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण में कथित तौर पर भ्रामक दावे किए जाने के कारण ऐसा किया।

RN Ravi

तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि

रवि के 2021 में राज्यपाल बनने के बाद से इस तरह का यह उनका चौथा वॉकआउट है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने राज्यपाल के इस कदम की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह उच्च पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है और यह सदन का अपमान है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने नियम, परंपरा और आचार का उल्लंघन कर यह वॉकआउट किया, जो स्वीकार्य नहीं है।

End of Feed