भड़काऊ भाषण कोई भी नहीं कर सकता स्वीकार, लगाई जाए लगाम- मोदी सरकार को SC का निर्देश

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Aug 11, 2023, 07:51 PM IST

दरअसल, अदालत हरियाणा समेत कई सूबों में हुई रैलियों में एक खास समुदाय के सदस्यों की हत्या और उनके सामाजिक व आर्थिक बहिष्कार के आह्वान से जुड़ी कथित ‘घोर नफरत भरे भाषणों’ को लेकर दाखिल पीटिशन पर हियरिंग कर रही थी। हरियाणा में कुछ समय पहले हुए सांप्रदायिक दंगों में छह लोगों की जान चली गई थी।

हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के सामने अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। देश की सबसे बड़ी अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को निर्देश दिया है कि वह नफरत भरे भाषण के मामलों पर गौर करने के लिए कमेटी गठित करे। शुक्रवार (11 अगस्त, 2023) को कोर्ट की ओर से यह बात ‘घोर नफरती भाषणों’’ को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान आई।

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एस. वी. एन. भट्टी की बेंच ने केंद्र की ओर से पेश एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज से निर्देश लेने और 18 अगस्त, 2023 तक कमेटी के बारे में बताने के लिए कहा है। बेंच के मुताबिक, ‘‘समुदायों में सद्भाव और सौहार्द होना चाहिए। सभी समुदाय जिम्मेदार हैं। नफरती भाषण की समस्या अच्छी नहीं है और कोई भी इसे स्वीकार नहीं कर सकता है।’’

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