देश

ज्ञानवापी से जुड़े दो मामलों में आज सुनवाई, मुस्लिम पक्ष ने की तहखाने में पूजा-पाठ पर रोक लगाने की मांग

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 15, 2024, 09:11 AM IST

याचिका में ज्ञानवापी परिसर में बंद 6 अन्य तहखाने की ASI सर्वे कराने की मांग की गई है। जिला जज की अदालत में दोनों मामलों की सुनवाई होगी। दोपहर लगभग 2 बजे सुनवाई होनी है।

Image

ज्ञानवापी मामले पर सुनवाई

Photo : ANI

Gyanvapi Hearing Today: ज्ञानवापी से जुड़े दो मामलों में आज सुनवाई होगी। तहखाने में पूजा-पाठ पर रोक लगाने की मांग पर सुनवाई होनी है। मुस्लिम पक्ष ने तहखाने में 15 दिन के लिए पूजा-पाठ पर रोक लगाने की मांग की थी। इसी मामले में आज हाईकोर्ट में भी सुनवाई है। कोर्ट के आदेश पर 31 जनवरी को देर रात से ही तहखाने में पूजा-पाठ शुरू हो गई थी। याचिकाकर्ता राखी सिंह ने जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की थी। ज्ञानवापी परिसर में बंद 6 अन्य तहखाने की ASI सर्वे कराने की मांग की गई है। जिला जज की अदालत में दोनों मामलों की सुनवाई होगी। दोपहर लगभग 2 बजे सुनवाई होनी है।

राज्य सरकार रखेगी पक्ष

यह याचिका अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। इस याचिका के तहत कमेटी ने मांग की थी कि 31 जनवरी के जिला जज वाराणसी द्वारा हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति देने के फैसले पर रोक लगाई जाए। इलाहाबाद हाई कोर्ट में 12 फरवरी को इस मामले की पिछली सुनवाई हुई थी। इस दिन मस्जिद की इंतजामिया कमेटी और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा था। 15 फरवरी को होने वाली सुनवाई में हिंदू पक्ष और राज्य सरकार अपना पक्ष कोर्ट में रखने वाली है।

मुस्लिम पक्ष की दलीलें

पिछली सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी के वकील एसएफए नकवी ने 17 जनवरी के डीएम को रिसीवर नियुक्त करने के आदेश पर सवाल खड़े किए थे। पिछली सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि 31 जनवरी को जिला जज ने वादी के प्रभाव में आकर आदेश दिया। मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि जिला जज ने वादी के कहे को अंतिम सत्य या ईश्वरीय सत्य मान लिया। मुस्लिम पक्ष ने तर्क दिया था कि व्यास जी के तहखाने पर 31 साल के बाद हक जताने वाले लोगों का कोई लिखित बयान नहीं है कि वे कौन हैं, इस दौरान मुस्लिम पक्ष ने यह भी कहा कि बाबरी मामले में निर्मोही अखाड़े के एक व्यक्ति के अधिकार मांगने पर सुप्रीम कोर्ट ने जमीनी जांच के बाद अर्जी को ख़ारिज कर दिया था। लेकिन ज्ञानवापी मामले में 31 साल बाद हिंदू पक्ष द्वारा अपना हक मांगने पर निचली अदालत ने उनके आवेदन को मंजूर भी कर लिया।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article