गुरुग्राम में कारगिल युद्ध के वेटरन (पूर्व सैनिक) ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर हमला करने के आरोप में दीपक नाम के एक पार्किंग अटेंडेंट को गिरफ्तार किया गया है। 'ऑपरेशन सफेद सागर' में हिस्सा ले चुके इस रिटायर्ड अफसर पर 10 सितंबर को पार्किंग को लेकर हुए झगड़े के दौरान लोहे की रॉड से हमला किया गया था। हमले में ग्रुप कैप्टन गुप्ता के सिर में चोटें आईं और हाथ की हड्डी टूट गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जब वे अपनी कार पार्क करने की कोशिश कर रहे थे, तब आरोपी ने उन पर कई बार वार किए थे।
कारगिल युद्ध के वेटरन ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता
1999 के कारगिल युद्ध के दौरान IAF की 'ऑपरेशन सफेद सागर' टीम का हिस्सा रहे ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता (रिटायर्ड) के सिर में चोट लगी और हाथ की हड्डी टूट गई; उनकी शिकायत में यह बात कही गई है।
24 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया
गुरुग्राम के एक रेस्टोरेंट में परिवार के साथ डिनर पर गए कारगिल युद्ध के एक वेटरन पर पार्किंग अटेंडेंट ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उनके सिर में चोट लगी और हाथ की हड्डी टूट गई। पुलिस ने बाद में 24 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और अब उससे पूछताछ कर रही है।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर मारपीट केस: स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत पर कल फैसला, पटियाला हाउस कोर्ट ने आदेश रखा सुरक्षित
'पुलिस टीम भी लगभग 30 मिनट बाद पहुंची'
पाकिस्तान के खिलाफ 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना की 'ऑपरेशन सफेद सागर' टीम का हिस्सा रहे ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता (रिटायर्ड) ने यह भी आरोप लगाया कि मदद के लिए कोई सुरक्षाकर्मी आगे नहीं आया और पुलिस टीम भी लगभग 30 मिनट बाद पहुंची। रविवार को दर्ज कराई गई शिकायत में गुप्ता ने पुलिस को बताया कि यह घटना 10 सितंबर को हुई थी, जब वह मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित गोंज़ो रेस्टोरेंट गए थे। शिकायत के अनुसार, उन्होंने रात करीब 8 बजे अपने परिवार को रेस्टोरेंट पर उतारा और पार्किंग की जगह ढूंढने चले गए।
अटेंडेंट कथित तौर पर 'लोहे की रॉड' लेकर लौटा
गुप्ता का आरोप है कि वहां के स्टाफ ने उन्हें अलग-अलग जगहों-वैलेट, बेसमेंट और मल्टी-लेवल पार्किंग की ओर भेजा, लेकिन आखिर में उनकी कार पार्क करने से मना कर दिया। मामला तब और बढ़ गया जब गुप्ता ने अपनी कार पीछे (रिवर्स) करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि एक अटेंडेंट ने विंडशील्ड को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में उस पर वार किया। इसके बाद अटेंडेंट कथित तौर पर 'लोहे की रॉड' लेकर लौटा और उनके 'हाथ और फिर सिर पर वार किया, जिससे वे लहूलुहान हो गए।'
रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कम से कम 30 मिनट बाद पहुंची और 'वहां मौजूद किसी भी सुरक्षाकर्मी ने उनकी मदद नहीं की', गुप्ता को उनका परिवार मेदांता अस्पताल ले गया, जहां उनकी चोटों का इलाज किया गया।
पुलिस घटना से जुड़े CCTV फुटेज की जांच कर रही है
पुलिस ने कहा, '10 सितंबर की रात को गुरुग्राम पुलिस को सेक्टर-65 पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में एक व्यक्ति पर हमले की सूचना मिली। सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित से मिली।' उन्होंने कहा कि गुरुग्राम पुलिस घटना से जुड़े CCTV फुटेज की जांच कर रही है।
