Modi Cabinet: गुजरात को तीसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मिल गया है। डायमंड सिटी सूरज का एयरपोर्ट अब इंटरनेशनल उड़ानों के लिए मान्य हो गया है। मोदी सरकार की कैबिनेट ने शुक्रवार को इसकी अनुमति दे दी है।
एक मीटिंग के दौरान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह
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सूरत को होगा आर्थिक फायदा
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को सूरत हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया- ''यह रणनीतिक कदम अभूतपूर्व आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए है, जिससे सूरत अंतरराष्ट्रीय विमानन परिदृश्य में एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा और क्षेत्र में समृद्धि के एक नए युग को बढ़ावा मिलेगा।''
राजनयिक संबंधों में मजबूती
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने लिया। बयान में कहा गया कि सूरत हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने से आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने, विदेशी निवेश आकर्षित करने और राजनयिक संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
एयर इंडिया एक्सप्रेस भरेगी उड़ान!
सरकार के अनुसार, सूरत हवाई अड्डा न केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए प्रवेश द्वार बनेगा, बल्कि संपन्न हीरे और कपड़ा उद्योगों के लिए निर्बाध निर्यात-आयात संचालन की सुविधा भी प्रदान करेगा। रिपोर्ट में कहा गया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस सूरत से दैनिक दुबई उड़ान शुरू करने के लिए तैयार है। रिपोर्टों के अनुसार जनवरी से एयर इंडिया यह सर्विस शुरू कर सकती है।
मोरारजी देसाई पर नाम
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सूरत हवाई अड्डे का नाम पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय मोरारजी देसाई के नाम पर रखा जा सकता है, जो वलसाड के रहने वाले थे और 1957 से 1980 तक सूरत लोकसभा क्षेत्र से चुने गए थे। इससे पहले 2014 में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर मांग की थी कि सूरत एयरपोर्ट का नाम मोरारजी के नाम पर रखा जाए। बाद में 2020 में सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी पीएम मोदी को ऐसा ही पत्र लिखकर सूरत हवाई अड्डे का नाम मोराजी देसाई के नाम पर रखने की मांग की थी।
