Gujarat riots 2002: गुजरात की स्पेशल अदालत ने 2002 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान नरोदा गाम में मुस्लिम समुदाय के 11 सदस्यों की हत्या के मामले में आज (20 अप्रैल 2023) फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सभी 67 आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले के आरोपियों में बीजेपी की पूर्व विधायक माया कोडनानी (Maya Kodnan) और बजरंग दल (Babu Bajrangi) के नेता बाबू बजरंगी भी शामिल थे। मामले में कुल 86 आरोपी थे, लेकिन उनमें से 18 लोगों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। जबकि एक को अदालत ने पहले ही आरोपमुक्त कर दिया था।
अहमदाबाद स्थित एसआईटी मामलों के विशेष न्यायाधीश एस के बक्शी की अदालत ने गोधरा मामले के बाद भड़के भीषण दंगों में से एक नरोदा गाम दंगों से जुड़े इस बड़े मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल ने की थी। जिन आरोपियों को बरी किया गया उनमें कोडनानी, विहिप नेता जयदीप पटेल और बजरंग दल के पूर्व नेता बाबू बजरंगी शामिल हैं।
#BreakingNow: गुजरात के #Naroda गांव केस में सभी आरोपी बरी.. 👉माया कोडनानी, बाबू बजरंगी समेत सभी आरोपी बरी..… t.co/BuKaGweDcB
— ANI (@ANI) Apr 20, 2023
गोधरा में ट्रेन आगजनी की घटना में अयोध्या से लौट रहे 58 यात्रियों की मौत के एक दिन बाद 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद शहर के नरोदा गाम इलाके में दंगों के दौरान कम से कम 11 लोग मारे गए थे।
नरोदा गाम मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 143 (गैरकानूनी जमावड़ा), 147 (दंगा), 148 (घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करना), 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा चल रहा था।
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