गुजरात, लक्षद्वीप और पुडुचेरी के लिए चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का डाटा जारी कर दिया है। तीनों ही राज्यों में बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम काटे गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि तीनों राज्यों में अयोग्य मतदाताओं का नाम काटा गया है।
गुजरात, लक्षद्वीप और पुडुचेरी के SIR का आंकड़ा हुआ जारी
SIR के बाद कितने वोटर कम हुए?
निर्वाचन आयोग के मुताबिक पिछले साल 27 अक्टूबर को एसआईआर प्रक्रिया कराने की की घोषणा से पहले, गुजरात और दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या 5.19 करोड़ थी। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद, उनकी कुल मतदाता संख्या घटकर 4.50 करोड़ रह गई यानी मतदाताओं की संख्या में 68.9 लाख की कमी आई है। गुजरात में एसआईआर से पहले कुल मतदाताओं की संख्या 5.08 करोड़ थी, जो घटकर 4.40 करोड़ रह गई। इस प्रकार मतदाताओं की संख्या में 68.12 लाख की कमी आई है जो कुल वोटरों का 13.40 प्रतिशत है। लक्षद्वीप में मतदाता सूची की शुद्धिकरण प्रक्रिया से पहले मतदाताओं की संख्या 57,813 थी। लेकिन अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 57,607 रह गई। इस प्रकार कुल मतदाताओं की संख्या में 0.36 प्रतिशत यानी 206 मतदाताओं की कमी आई है। चुनाव वाले केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एसआईआर शुरू होने से पहले 10.21 लाख मतदाता पंजीकृत थे जबकि अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 9.44 लाख रह गई। प्रतिशत के हिसाब से इसमें 7.57 प्रतिशत की कमी आई है।- गुजरात- 6812711(13.40%)
- लक्षद्वीप- 206(.36%)
- पुडुचेरी- 77367(7.57%)
किस आधार पर काटे गए हैं वोटरों के नाम
- उन वोटरों के नाम काट गए, जिनकी मृत्यु हो गई है।
- वो मतदाता जो स्थाई तौर पर कहीं और बस गए हैं।
- वो मतदाता जिनके नाम कई बार दर्ज हैं।
शनिवार को किन राज्यों के आएंगे SIR के आंकड़े?
गुजरात, लक्षद्वीप और पुडुचे के बाद कल यानि कि शनिवार को अंडमान और निकोबार आइलैंड, छत्तीसगढ़, गोवा, केरल ,मध्य प्रदेश, और राजस्थान के SIR के आंकड़े प्रकाशित होंगे। बिहार SIR और असम के स्पेशल रिवीजन के आंकड़े पहले ही प्रकाशित हो चुके हैं
SIR पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतदाता सूची का अपडेशन एक सतत प्रक्रिया है। चुनाव के दौरान नामांकन की अंतिम तारीख तक कोई भी मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकता है, डिलीट कर सकता है और उसमें बदलाव करवा सकता है।
