Gujarat Flood: गुजरात के कई हिस्सों में मानसून काल बनकर बरस रहा है। जूनागढ़ और भरूच जिलों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जहां जूनागढ़ के मांगरोल में पिछले दो दिनों में रिकॉर्डतोड़ बारिश के कारण सोमनाथ नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा टूट गया है, वहीं भरूच के वालिया में महज दो घंटे की आफत ने एक पूरे गांव को टापू में तब्दील कर दिया। दोनों ही जगहों पर प्रशासन अलर्ट पर है और युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।
गुजरात में बाढ़ से कहर
मांगरोल में 40 इंच बारिश से हाहाकार, हाईवे बहा
जूनागढ़ जिले का मांगरोल इलाका इस समय भीषण जलप्रलय का सामना कर रहा है। यहां महज दो दिनों के भीतर 35 से 40 इंच तक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मांगरोल में हुई 20 इंच की एकमुश्त भारी बारिश के दबाव को बुनियादी ढांचा झेल नहीं पाया। इसके चलते सोमनाथ नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह टूटकर बह गया। यह हाईवे मांगरोल से सोमनाथ और द्वारका जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों को जोड़ता है। इसके क्षतिग्रस्त होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
उफान पर नदियां
इलाके की नोली नदी इस समय खतरे के निशान से ऊपर उफान पर बह रही है। हाईवे टूटने की खबर मिलते ही इस खौफनाक मंजर को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए, जिन्हें नियंत्रित करने में प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है। हाईवे की मरम्मत और यातायात को वैकल्पिक रास्तों से सुचारू करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
2 घंटे की बारिश में टापू बना सिलुडी गांव
दूसरी तरफ, भरूच जिले की वालिया तहसील से भी डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहां महज दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने पूरे सिलुडी गांव को जलमग्न कर दिया। अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण गांव का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया और वह एक टापू की तरह दिखने लगा। बाढ़ का पानी लोगों के घरों के भीतर तक घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे। पानी के तेज बहाव के बीच 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान रेस्क्यू टीम ने बेहद सूझबूझ से काम लेते हुए सात स्थानीय लोगों और एक दिव्यांग बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला।
मकानों को नुकसान
इस आपदा में गांव का एक मकान पूरी तरह ढह गया, जबकि दो अन्य मकानों की दीवारें गिरने से भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित ग्रामीणों को स्थानीय स्कूल में बने शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया है। बेघर हुए ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल आर्थिक और राहत सहायता की मांग की है। राहत की बात यह है कि ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब गांव में पानी उतरने लगा है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
