Arvind Kejriwal on UCC: गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Elections 2022) से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने आरोप लगया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की इस मसले पर नीयत खराब है। अगर वह इसे लागू ही करना चाहती है तो मध्य प्रदेश (MP), उत्तर प्रदेश (UP) और पूरे देश (India) में क्यों नहीं लागू करती है...क्या वह लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) का इंतजार कर रही है?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।
उन्होंने ये बातें रविवार (30 अक्टूबर, 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। दरअसल, पत्रकारों ने गुजरात में यूसीसी को लेकर बनाई जाने वाली कमेटी को लेकर सवाल पूछा था, जिस पर मुस्कुराने के बाद दिल्ली सीएम ने कहा- उनकी (बीजेपी) नीयत खराब है। मैं बताता हूं...संविधान के आर्टिकल 44 में साफ लिखा है कि यूसीसी बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे में केंद्र को इसे बनाना चाहिए। ऐसा बनाना चाहिए, जिसमें सभी की रजामंदी हो।
Constitution में लिखा है Uniform Civil Code बनाना Govt की जिम्मेदारीसभी समुदायों को साथ लेकर UCC बनना चाहिएBJP… t.co/NkNOJbEBG4
— ANI (@ANI) Oct 30, 2022
बकौल केजरीवाल, "बीजेपी ने क्या किया...उत्तराखंड का चुनाव के पहले एक समिति बनाई। इलेक्शन जीतने के बाद वह कमेटी अपने घर चली गई। अब गुजरात के चुनाव के पहले समिति बनाई और वह भी अपने घर चली जाएगी।"
उन्होंने आगे दो टूक पूछा- मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं बनाते हैं?...अगर यूसीसी लागू करने की नीयत है, तब देश में लागू क्यों नहीं करते, लोकसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं क्या? पहले उनसे जाकर पूछना कि केजरीवाल कह रहे हैं कि यूसीसी लागू करना नहीं है। आपसी सिर्फ नीयत खराब है। केजरीवाल की यह टिप्पणी ऐसे वक्त पर आई है, जब चुनाव (इस साल के आखिर तक) से पहले गुजरात सरकार ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) के कार्यान्वयन के लिए समिति बनाने का निर्णय किया है। सूबे की भाजपा सरकार ने शनिवार को यूसीसी लागू करने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया।
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की शनिवार को हुई बैठक के दौरान समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने बताया, ‘‘समिति की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और इसमें तीन से चार सदस्य होंगे।’’ इससे पहले, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकारों ने अपने यहां यूसीसी लागू करने की घोषणा की थी।
