विकास सप्ताह : गुजरात ने बढ़ाई ‘मेक इन इंडिया’ की रफ्तार, 15 वर्षों में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग 22 गुना बढ़ा

वर्ष 2009 से 2023 के बीच, गुजरात के ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की, जिसमें कुल उत्पादन में लगभग 22 गुना वृद्धि हुई। कोविड-प्रभावित वर्ष 2020-21 के बाद मात्र दो वर्षों में उत्पादन में उल्लेखनीय 109% की वृद्धि दर्ज की गई। 2024-25 में ₹13,800 करोड़ मूल्य के ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स का विश्वभर में किया निर्यात।

7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर प्रशासनिक जनसेवा की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत की थी, जो इस साल 24 वर्ष पूरे कर रही है। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार 7 से 15 अक्टूबर तक राज्यव्यापी ‘विकास सप्ताह’ उत्सव मना रही है जिसके तहत 10 अक्टूबर को ‘उद्योग साहसिक दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। जो गुजरात के औद्योगिक उत्कर्ष और नवाचार की भावना को समर्पित है। पिछले 24 वर्षों में मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात देश के औद्योगिक विकास इंजन के रूप में उभरा है। विशेष रूप से 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में शुरू हुई विभिन्न पहलों ने गुजरात को भारत का प्रमुख ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बना दिया है।

Gujarat CM Bhupendra Patel

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की फाइल फोटो

पिछले 15 सालों में 24.84% के CAGR के साथ गुजरात ने ऑटो सेक्टर में लगाई ऊंची छलांग

भारत सरकार के वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, गुजरात में मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर का उत्पादन वर्ष 2008-09 में लगभग ₹3,200 करोड़ था, जो 2022-23 में बढ़कर ₹71,425 करोड़ के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, यह लगभग 22 गुना वृद्धि दर्शाता है। इस उपलब्धि ने 24.84% की उल्लेखनीय वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की है, जो ऑटोमोबाइल सेक्टर में गुजरात की सफल यात्रा का प्रमाण है।

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