GST Reforms: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देश के नाम संबोधन में जीएसटी रिफॉर्म का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने आत्मनिर्भर भारत संग स्वदेशी अभियान को गति देने की बात कही।
पीएम मोदी ने देश को किया संबोधित
उन्होंने कहा कि कल से शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं। नवरात्रि के पहले दिन से देश आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए एक और महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठा रहा है। कल, यानी नवरात्रि के प्रथम दिवस 22 सितंबर को सूर्योदय के साथ ही नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म लागू हो जाएंगे।
संबोधन की बड़ी बातें:
- 22 सितंबर को सूर्योदय के साथ ही अगली पीढ़ी के जीएसटी रिफॉर्म लागू हो जाएंगे।
- देश में जीएसटी बचत उत्सव कल से शुरू हो रहा है।
- जीएसटी रिफॉर्म भारत की ग्रोथ स्टोरी को गति प्रदान करेगा। कारोबार को और आसान बनाएगा। साथ ही निवेश को और आर्कषण बनाएंगे।
- देश की वर्तमान जरूरतों और भविष्य के सपनों को देखते हुए जीएसटी के ये नए रिफॉर्म लागू हो रहे हैं। अब सिर्फ 5 फीसदी और 18 फीसदी के ही टैक्स स्लैब रहेंगे।
- जीएसटी कम होने से अब देश के नागरिकों के लिए अपने सपने पूरे करना और आसान होगा।
- आयकर छूट सीमा बढ़ाने और जीएसटी सुधारों से लोगों को 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी।
- पीएम मोदी ने 'नागरिक देवो भव:' का मंत्र दिया। उन्होंने कहा- 'नागरिक देवो भव: की झलक अगली पीढ़ी के जीएसटी रिफॉर्म में दिखाई देती है।'
- पीएम मोदी ने स्वदेशी अभियान को बढ़ावा देने की भी बात कही।
GST बचत उत्सव कल से हो रहा शुरू
पीएम मोदी ने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार कल से लागू हो रहे हैं, यह ‘जीएसटी बचत उत्सव’ जैसा है। उन्होंने कहा कि इस जीएसटी बचत उत्सव में आपकी बचत बढ़ेगी और आप अपनी पसंद की चीजों को और ज्यादा आसानी से खरीद पाएंगे। हमारे देश के गरीब, मध्यम वर्गीय लोग, नव मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएं, युवा, दुकानदार, व्यापारी, उद्यमी सभी को ये बचत उत्सव का बहुत फायदा होगा। यानी, त्योहारों के इस मौसम में सभी का मन मीठा होगा।
उन्होंने कहा कि जब आपने हमें 2014 में सेवा का अवसर दिया तो हमने जनहित में, देशहित में जीएसटी को अपनी प्राथमिकता बनाया। हमने हर स्टेक होल्डर से चर्चा की, हमने हर राज्यों की हर शंका का निवारण किया। हर सवाल का समाधान खोजा। सभी राज्यों को, सबको साथ लेकर आजाद भारत का इतना बड़ा टैक्स रिफॉर्म्स संभव हो पाया। यह केंद्र और राज्यों के प्रयासों का नतीजा था कि आज देश दर्जनों टैक्स से मुक्त हुआ। एक देश एक टैक्स का सपना साकार हुआ।
'99 फीसदी चीजें 5% के दायरे में आईं'
उन्होंने कहा कि रिफॉर्म एक अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है। जब समय बदलता है, जब देश की जररूत बदलती है तब अगली पीढ़ी के रिफॉर्म उतने ही जरूरी होते हैं। इसलिए देश की वर्तमान जरूरतों और भविष्य के सपनों को देखते हुए जीएसटी के यह नए रिफॉर्म लागू हो रहे हैं। नए स्वरूप में मुख्य रूप से 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत ही टैक्स स्लैब रहेंगे। इसका मतलब है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल की ज्यादातर चीजें और सस्ती हो जाएंगी जिनमें खाने पीने का सामान, ब्रश, दवाईयां, साबुन, तेल, स्वास्थ्य और जीवन बीमा इत्यादि शामिल हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जिन सामानों पर पहले 12 प्रतिशत लगता था उसमें से 99 फीसदी चीजें अब 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आ गई हैं।
'स्वदेशी के मंत्र से मिलेगी शक्ति'
पीएम मोदी ने कहा कि जो देश के लोगों की जरूरत का है, जो हम देश में ही बना सकते हैं, वो हमें देश में ही बनाना चाहिए। देश की स्वतंत्रता को जैसे स्वदेशी के मंत्र से ताकत मिली। वैसे ही देश की समृद्धि को भी स्वदेशी के मंत्र से ही शक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम वो सामान खरीदें जो मेड इन इंडिया हो, जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी हो, हमारे देश के बेटे-बेटियों का पसीना हो। हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है, हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है।
पीएम मोदी ने भारत का आत्मनिर्भर बनाने का बहुत बड़ा दायित्व हमारे लघु-मध्यम और कुटिल उद्योगों पर भी है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरें कम होने से, नियम और प्रक्रिया आसान बनाने से हमारे लघु, मध्यम और कुटिल उद्योगों को बहुत फायदा होगा। उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स भी कम देना पड़ेगा जिसका मतलब साफ है कि उनको भी फायदा होगा।
