डीपफेक पर सरकार की सख्ती: सोशल मीडिया पर AI कंटेंट की निगरानी हुई कड़ी, 3 घंटे में हटानी होगी अवैध सामग्री

सरकार ने IT नियमों में बदलाव कर डीपफेक और AI से बने फेक कंटेंट पर सख्ती बढ़ा दी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी तय की है। अब अवैध कंटेंट को आदेश मिलने के 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।

केंद्र सरकार ने डिजिटल स्पेस को सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) और आईटी नियम, 2021 (IT Rules) के तहत सोशल मीडिया और अन्य इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि खासतौर पर डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए कंटेंट पर नियंत्रण के लिए नियामक ढांचे को और मजबूत किया गया है।

डीपफेक पर सरकार की सख्ती।

डीपफेक पर सरकार की सख्ती। (फोटो- AI)

डीपफेक और सिंथेटिक कंटेंट के जरिए समाज में पैदा हो रही समस्या

लोकसभा में 25 मार्च 2026 को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि सरकार लगातार ऐसे उपाय कर रही है, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर गलत, भ्रामक और आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसार को रोका जा सके। सरकार ने यह भी माना है कि नई तकनीकों के दुरुपयोग से समाज में गंभीर जोखिम पैदा हो रहे हैं, खासकर डीपफेक और सिंथेटिक कंटेंट के जरिए।

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