प्रधानमंत्री और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता नरेंद्र मोदी से मुलाकात के ठीक एक रोज बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने विदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर से भेंट की। विदेश मंत्री ने इस मीटिंग से जुड़ा एक फोटो अपने टि्वटर हैंडल से शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा- आज दोपहर गूगल और एल्फाबेट के सीईओ से मिलकर अच्छा लगा। हमने भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और वैश्विक विकास को लेकर बातचीत की।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का तमिलनाडु से पुराना कनेक्शन है। (@DrSJaishankar)
डॉ.जयशंकर ने जो तस्वीर शेयर की थी, उसमें पिचाई उनके साथ थे और दोनों साझा तौर पर एक तस्वीर को पकड़े थे, जिसमें जी (गूगल) इंडिया लिखा हुआ था। हालांकि, इस फोटो के सामने आने के बाद टि्वटर यूजर्स भी इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। @anilapat237 ने कहा कि जय हो इंडिया। @ltsKushalGupta ने पूछा कि क्या वह पिक्सल लाइन को इंडिया में मैन्युफैक्चर करेंगे?
Great to meet CEO, @Google and Alphabet, @sundarpichai today afternoon.Discussed India’s digital transformation a… t.co/zS17WZqntn
— ANI (@ANI) Dec 20, 2022
@rajeevkw ने कहा कि महान लोगों की महान से मुलाकात। @education_abhi_ के हैंडल से कहा गया कि ये हमारे राष्ट्र के सोना (गोल्ड) हैं। @krishcache ने कहा कि चर्चा के लिए ये सही लोग हैं, जबकि @Abhijeetpande10 ने पूछा कि क्या आप लोगों ने तमिल में बातचीत की? दरअसल, सबसे रोचक बात है कि दोनों ही दिग्गज भारत के दक्षिण सूबे तमिलनाडु से नाता रखते हैं। जयशंकर का जन्म दिल्ली में एक तमिल परिवार में हुआ था, जबकि पिचाई तमिलनाडु के मदुरै में पैदा हुए थे।
Was a delight to meet you @sundarpichai and discuss innovation, technology and more. It is important the world cont… t.co/DcVKNB8cCX
— ANI (@ANI) Dec 19, 2022
पिचाई ने इससे पहले सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को भारत को एक बड़ी निर्यात अर्थव्यवस्था बताया। कहा कि गूगल 100 से अधिक भारतीय भाषाओं के लिए एक इंटरनेट सर्च मॉडल विकसित कर रही है और यहां के महिलाओं के नेतृत्व वाली स्टार्टअप कंपनियों को 7.5 करोड़ डॉलर की मदद देगी।
अपने भारत दौरे पर पिचाई ने हुए ‘गूगल फॉर इंडिया’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि गूगल भारत से कारोबार कर रहे स्टार्टअप पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन नई कंपनियों के लिए चिह्नित 30 करोड़ डॉलर में से एक-चौथाई राशि महिलाओं की अगुवाई वाले स्टार्टअप में निवेश की जाएगी।
