India AI Summit 2026: पूर्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को गलगोटिया विश्वविद्यालय के 'रोबो डॉग' से जुड़े विवाद को लेकर सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह घटना उसकी लापरवाही को दर्शाती है और "गलगोटियन ब्लंडर" है। राज्यसभा सदस्य ने यह भी कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) देश को कैसे प्रभावित करेगी, इसके लिए देश को तैयार करने में सरकार के कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं।
निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बल ने क्या कुछ कहा?
सिब्बल ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है। यह अच्छी बात है और मैं इसका स्वागत करता हूं। हमें शब्दकोष में एक नया शब्द मिला है, अंग्रेजी में एक शब्द है - हर्कुलियन ब्लंडर, और नया शब्द है गलगोटियन ब्लंडर। गलगोटियन थंडर से गलगोटियन ब्लंडर हुआ है।"
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "यह आश्चर्यजनक है कि एक रोबो डॉग प्रदर्शित किया गया था और हमारे आईटी मंत्री (अश्विनी वैष्णव) ने भी इसके बारे में ट्वीट किया था। जब यह सामने आया कि इसे चीन द्वारा विकसित किया गया है, तो उन्होंने इसे हटा दिया।
सरकार पर बरसे सिब्बल
निर्दलीय सांसद ने कहा कि यह अच्छा नहीं है कि यह सब सरकार की निगरानी में हुआ। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा, "सरकार ने समिट के दौरान प्रदर्शित किए जा रहे उत्पादों की जांच करने के लिए उचित मेहनत भी नहीं की।" उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार की लापरवाही है और यह बहुत गंभीर मामला है।
AI के बारे में बात करते हुए सिब्बल ने कहा कि इससे देश को एग्रीकल्चर, एजुकेशन और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा, "यह देश के लिए एक बड़ा मौका है। सरकार को इस पर ध्यान देना होगा और मुझे लगता है कि वह देगी।" AI के लिए फंड आवंटन की कमी पर जोर देते हुए, सिब्बल ने कहा कि 2025 के बजट में 2000 करोड़ रुपये का एलोकेशन था, जिसमें से सिर्फ़ 40 फीसदी खर्च हुआ, जबकि इस साल यह 1000 करोड़ रुपये है।
