गोलियों की आवाज से फिर दहला मणिपुर का उखरुल, शांति की कोशिश में पुलिस; अफवाहों से बचने की अपील की

उखरुल जिले के लितन सरेइखोंग इलाके में ताजा फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने कहा कि करीब 12 राउंड फायर किए गए और हालात काबू में हैं। कुकी और नागा समुदायों से अफवाहें न फैलाने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

मणिपुर के उखरुल जिले में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। शनिवार सुबह लितन सरेइखोंग इलाके में ताजा फायरिंग की घटना सामने आई, जिससे पहले से संवेदनशील माहौल में दहशत फैल गई। मणिपुर पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 10:55 बजे सिकिबुंग और लितन सरेइखोंग के बीच पहाड़ी क्षेत्र में तांगखुल नागा गांव के स्वयंसेवकों द्वारा 12-बोर हथियार से लगभग 12 राउंड फायर किए गए।

मणिपुर में दो जनजातिय समूहों के बीच झड़प।

मणिपुर में दो जनजातिय समूहों के बीच झड़प। (फोटो- AI)

पुलिस ने दी ये जानकारी

पुलिस ने अपने बयान में कहा कि यह फायरिंग ऐसे समय में हुई जब क्षेत्र में पहले से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हालांकि शुरुआती जांच में पता चला है कि संभवतः खाली कारतूस (ब्लैंक राउंड) चलाए गए थे, लेकिन गोलियों की आवाज से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की पुष्टि के लिए जिला पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और तांगखुल समुदाय के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। हालात को नियंत्रण में रखने और विश्वास बहाली के लिए शुक्रवार से ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) को मोंगकोट चेपू क्षेत्र में तैनात किया गया है, जबकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की टीमें लितन सरेइखोंग में डटी हुई हैं।

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