हेट स्पीच मामले में पूर्व विधायक अब्‍बास अंसारी को नहीं मिली राहत, 2 साल की सजा वाली याचिका पर होगी सुनवाई

Abbas Ansari: मऊ की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने शनिवार को नफरत फैलाने वाले भाषण के मामले में पूर्व विधायक अब्‍बास अंसारी की दोषसिद्धि बरकरार रखी, हालांकि इसने दो साल की सजा की अवधि को चुनौती देने वाली याचिका पर आगे की सुनवाई की अनुमति दे दी।

Abbas Ansari: उत्तर प्रदेश में मऊ जिले की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने शनिवार को नफरत फैलाने वाले भाषण के मामले में पूर्व विधायक अब्‍बास अंसारी की दोषसिद्धि बरकरार रखी, हालांकि इसने दो साल की सजा की अवधि को चुनौती देने वाली याचिका पर आगे की सुनवाई की अनुमति दे दी। दोनों पक्ष के अधिवक्‍ताओं ने यह जानकारी दी। नफरत फैलाने वाले भाषण के आरोप में 31 मई को मऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत से दो साल की सजा सुनाये जाने के बाद अब्‍बास अंसारी को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया और उनकी सीट रिक्त घोषित कर दी गयी थी।

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अब्‍बास अंसारी की 2 साल की सजा वाली याचिका पर होगी सुनवाई

कोर्ट ने रख लिया था फैसला सुरक्षित

वर्ष 1996 से लगातार 2017 तक पांच बार मऊ से विधायक रह चुके अब्बास के दिवंगत पिता, कथित बाहुबली मुख्तार अंसारी के जीवित रहते ही उनकी विरासत अब्‍बास अंसारी ने संभाल ली और 2022 में समाजवादी पार्टी के समर्थन से वह सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के सिंबल पर विधान सभा सदस्य बने थे। एक अधिवक्ता ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित अदालत/एमपी एमएलए कोर्ट) राजीव कुमार वत्स ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 30 जून को आदेश सुरक्षित रख लिया था और शनिवार को फैसला सुनाया।

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