Vivek Misri Briefs All-Party Delegations: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मंगलवार को पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के रुख को सामने रखने के लिए विभिन्न देशों की यात्रा पर जाने वाले सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से तीन को ब्रीफिंग दी। जदयू के संजय झा, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और द्रमुक की कनिमोझी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने ब्रीफिंग में भाग लिया, जिसमें उन्हें अपने एजेंडे और इसकी बारीकियों के बारे में बताया जाएगा।
विवेक मिसरी
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, भी बैठक में शामिल हुए। अभिषेक को उनकी पार्टी द्वारा सांसद यूसुफ पठान को चुनने के सरकार के एकतरफा फैसले का विरोध करने के बाद अंतिम समय में शामिल किया गया था। अभिषेक बनर्जी, झा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं जो जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर की यात्रा करेगा।
मिसरी ने संसदीय समिति को दी जानकारी
इससे पहले सोमवार को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक संसदीय समिति को बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष हमेशा पारंपरिक दायरे में रहा और पड़ोसी देश की ओर से कोई परमाणु संकेत नहीं दिया गया था। सूत्रों ने कहा कि मिसरी ने सरकार के रुख को दोहराया कि सैन्य कार्रवाई रोकने का निर्णय द्विपक्षीय स्तर पर लिया गया था, क्योंकि कुछ विपक्षी सदस्यों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संघर्ष को रोकने में उनके प्रशासन की भूमिका को लेकर बार-बार किए गए दावों को लेकर सवाल उठाया।
मिसरी से सांसदों ने पूछे कई सवाल
सूत्रों ने बताया कि कुछ सांसदों ने पूछा कि क्या पाकिस्तान ने संघर्ष में चीनी मंचों का इस्तेमाल किया है। मिसरी ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि भारत ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को तबाह कर दिया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता में विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक में तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस के राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भारतीय जनता पार्टी की अपराजिता सारंगी एवं अरुण गोविल आदि ने भाग लिया। यह बैठक भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करने और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुए सैन्य संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुई। भारत और पाकिस्तान 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए सहमत हुए थे।
