एक देश एक चुनाव (One Nation, One Election) के लिए गठित जेपीसी के सदस्यों के नाम सामने आ चुके हैं, इस समिति में 39 सांसदों को सदस्य बनाया गया है। इससे जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के हवाले से ये बताया गया है कि वन नेशन वन इलेक्शन के लिए गठित इस समिति की पहली बैठक कब आयोजित की जाएगी।
एक देश एक चुनाव के लिए बनी संसदीय समित की पहली बैठक 8 जनवरी को होगी।
आठ जनवरी को होगी 39 सदस्यीय समिति की पहली बैठक
सूत्रों के हवाले से ये दावा किया गया है कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर संसद की 39 सदस्यीय समिति की पहली बैठक आठ जनवरी को होगी। देश में संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले विधेयक पर विचार के लिए संसद ने बीते शुक्रवार (20 दिसंबर, 2024) को 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति का गठन कर दिया। राज्यसभा में इस समिति के 12 सदस्यों को नामित करने के प्रस्ताव को ध्वनि मत से मंजूरी दिए जाने के साथ ही 39 सदस्यीय समिति का गठन हो गया। जेपीसी की अध्यक्षता भाजपा सांसद पीपी चौधरी करेंगे।
इस संसदीय समिति में किस सदन के कितने नेता शामिल?
वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक पर विचार के लिए बनी संयुक्त समिति में लोकसभा से 27 सदस्यों को नामित किया गया है। इसके बाद, उच्च सदन में मेघवाल ने राज्यसभा के 12 सदस्यों को इस समिति में शामिल करने का प्रस्ताव रखा। उच्च सदन से इस समिति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घनश्याम तिवाड़ी, भुनेश्वर कालिता, के लक्ष्मण, कविता पाटीदार, जनता दल (यूनाइटेड) के संजय झा, कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला और मुकुल वासनिक, तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले, द्रविड़ मुनेत्र कषगम के पी विल्सन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, बीजू जनता दल के मानस रंजन मंगराज और वाईएसआर कांग्रेस के वी विजय साई रेड्डी को शामिल किया गया है।
इस समिति में लोकसभा से जिन 27 सदस्यों को शामिल किया गया, उनमें भारतीय जनता पार्टी से पीपी चौधरी, सीएम रमेश, बांसुरी स्वराज, पुरुषोत्तम रुपाला, अनुराग ठाकुर, विष्णु दयाल शर्मा, भर्तृहरि महताब, संबित पात्रा, अनिल बलूनी, विष्णु दत्त शर्मा, बैजयंत पांडा और संजय जायसवाल शामिल हैं। कांग्रेस से प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष तिवारी और सुखदेव भगत को इस समिति का हिस्सा बनाया गया है। समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और छोटेलाल, तृणमूल कांग्रेस से कल्याण बनर्जी, द्रमुक से टी एम सेल्वागणपति, तेलुगु देशम पार्टी से हरीश बालयोगी, शिवसेना (यूटीबी) से अनिल देसाई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से सुप्रिया सुले, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से शांभवी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के के. राधाकृष्णन, राष्ट्रीय लोक दल के चंदन चौहान और जन सेना पार्टी के बालाशौरी वल्लभनेनी को इस समिति में शामिल किया गया है।
पीपी चौधरी करेंगे संसदीय समिति की अध्यक्षता
समिति के 39 सदस्यों में भाजपा के 16, कांग्रेस के पांच, सपा, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक के दो-दो और शिवसेना, तेदेपा, जदयू, रालोद, लोजपा (रामविलास), जन सेना पार्टी, शिवसेना-यूबीटी, राकांपा-(सपा), माकपा, आप, बीजद और वाईएसआरसीपी के एक-एक सदस्य शामिल हैं। पी पी चौधरी को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। चौधरी कानून विशेषज्ञ हैं और कानून एवं न्याय राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
समिति में राजग के कुल 22 सदस्य हैं जबकि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के 10 सदस्य हैं। बीजद और वाईएसआरसीपी सत्तारूढ़ या विपक्षी गठबंधन के सदस्य नहीं हैं। बीजद ने एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे पर अभी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है जबकि वाईएसआरसीपी ने इस कदम का समर्थन किया है। जिसकी अध्यक्षता की जिम्मेदारी पूर्व केंद्रीय मंत्री व भारतीय जनता पार्टी के सांसद पी पी चौधरी को मिली है।
