भारत में फिनलैंड के राजदूत मिको किविकोस्की ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-फिनलैंड संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कई अहम बातें कहीं। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शांति और सीजफायर की कोशिशों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की पहल युद्ध को खत्म करने और शांति स्थापित करने में मददगार साबित हो सकती है। राजदूत ने कहा कि रूस को बातचीत की मेज पर लाना जरूरी है और संघर्षों को बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत है।
भारत में फिनलैंड के राजदूत मिको किविकोस्की
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि फिनलैंड UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का बेहतर प्रतिनिधित्व जरूरी है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी राजदूत किविकोस्की ने उम्मीद जताई कि इस पर साल के अंत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं और अगले साल यह लागू हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
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भारत-फिनलैंड व्यापार को बढ़ाने पर भी जोर
भारत-फिनलैंड व्यापार को बढ़ाने पर भी उन्होंने जोर दिया। मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार करीब 3 अरब डॉलर का है और दोनों देशों ने इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि फिनलैंड की कंपनियां भारत के बाजार को लेकर काफी उत्साहित हैं और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, AI और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।
राजदूत ने फिनलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय का भी जिक्र किया
राजदूत ने फिनलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि करीब 30 हजार भारतीय फिनलैंड में रह रहे हैं, जिनमें लगभग 3 हजार भारतीय छात्र हैं। उन्होंने भारतीय छात्रों और स्किल्ड प्रोफेशनल्स को फिनलैंड आने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वहां कुशल कामगारों के लिए अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि फिनलैंड भारत से और अधिक स्किल्ड वर्कफोर्स को आकर्षित करना चाहता है।
