Farooq Abdullah: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2019 में केंद्र सरकार द्वारा निरस्त किए गए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली पार्टी के एजेंडे में सबसे ऊपर है और उनकी पार्टी इसके लिए संघर्ष कभी नहीं छोड़ेगी। एक बयान में अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दिया गया विशेष संवैधानिक दर्जा संघ के साथ उसके विशिष्ट और अद्वितीय संवैधानिक संबंध को दर्शाता था और यह विरासत नेशनल कॉन्फ्रेंस की राजनीतिक विचारधारा के केंद्र में बनी हुई है।
जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली नेशनल कॉन्फ्रेंस के एजेंडे में सबसे ऊपर: फारूक अब्दुल्ला
पार्टी प्रमुख ने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों को भले ही 'एकतरफा तरीके से बदल दिया गया' हो, लेकिन उनकी पार्टी उनकी बहाली के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने कहा, 'यह मुद्दा पार्टी के एजेंडे में सबसे ऊपर बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपने संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए आवाज उठाने का अधिकार है।'
राज्य का दर्जा मांगते ही क्यों होती हैं आतंकी घटनाएं?
इससे पहले कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों के मारे जाने के बाद आतंकी घटनाओं को लेकर अब्दुल्ला ने कहा कि इस हमले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही फारुख अब्दुल्ला ने इसपर सवाल भी खड़े किए कि जब भी उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करती है,उसी दौरान इस तरह की घटनाएं क्यों होती हैं।
उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। हमें अभी तक यह भी नहीं पता कि उन श्रमिकों की हत्या किसने और कैसे की। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए,ताकि यह सामने आ सके कि इस हमले के पीछे कौन लोग हैं।
इस दौरान उन्होंने घाटी में आतंकी घटनाओं की टाइमिंग पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि जब भी हम जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करते हैं,तभी इस तरह की घटनाएं क्यों सामने आती हैं।
