राहुल गांधी और शरद पवार की मुलाकात से लेकर कांग्रेस दफ्तर में महाराष्ट्र के नेताओं की हुई बैठक से जुड़ी हर एक इनसाइड खबर आपको टाइम्स नाउ नवभारत देने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी में हुई टूट के बावजूद कांग्रेस विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए दबाव नहीं बनाएगी।
प्रतीकात्मक फोटो
साथ ही महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी को मजबूत करने के लिए कांग्रेस राज्य में यात्राएं निकालेगी। इन यात्राओं में कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं।
बुरे वक्त में शरद पवार का साथ देगी कांग्रेस
एनसीपी में हुई बगावत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में आज दिल्ली में महाराष्ट्र के 30 बड़े नेताओं की बैठक हुई। कांग्रेस के नेता विधायकों की ज्यादा संख्या बल के आधार पर नेता प्रतिपक्ष पद पर दावा ठोंक रहे हैं। लेकिन सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस मामले में जल्दबाजी करने से अपने नेताओं को मना कर दिया है।
दो फाड़ में अभी कई तकनीकी पेंच है
कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि एनसीपी में हुई दो फाड़ में अभी कई तकनीकी पेंच है। अजीत पवार गुट के 9 विधायक जो मंत्री बने हैं, उनके खिलाफ एनसीपी ने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर पार्टी टूट से इनकार किया है। ऐसे में अगर कांग्रेस विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावेदारी करती है तो उसके लिए के लिए कांग्रेस को एनसीपी में टूट की बात स्पीकर को कहनी पड़ेगी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए में आलाकमान ने महाराष्ट्र नेताओं को नसीहत दी है कि एनसीपी को आंतरिक विवाद निबटाने दिया जाए।
महाराष्ट्र में कांग्रेस को नंबर एक की पार्टी बनाने की कवायद शुरू
कांग्रेस आलाकमान ने 2024 देखते हुए महाराष्ट्र में गठबंधन धर्म निभाने का फैसला तो कर लिया है, लेकिन कभी सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर नए दल के रूप में जन्मी एनसीपी के कमजोर होने से कांग्रेस के पास सुनहरा मौका आया है। इसके अलावा दिल्ली में हुई बैठक में राहुल ने महाराष्ट्र को कांग्रेस का गढ़ बताते हुए नेताओं को गुटबाज़ी छोड़ एकजुट होकर पार्टी मजबूत करने की नसीहत भी दी है।
