Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बुधवार को कहा कि पूरे हिंदू समाज को चोट लगी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर हुई और लोग गिरफ्तार हुए।
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार (फोटो साभार: @AlokKumarLIVE)
टाइम्स नाउ नवभारत के साथ खास बातचीत में वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी होने से पूरे हिंदू समाज को गहरी चोट लगी है। उन्होंने इस घटना को "घिनौना और गंदा कृत्य" बताया और कहा कि जिस मंदिर के लिए 500 साल तक लड़ाई लड़ी गई और करोड़ों लोगों ने समर्पण किया, वहां ऐसी चोरी होना दुखद है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई
आलोक कुमार ने 25 जून, 2026 को हुई एफआईआर और गिरफ्तारियों पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि पुलिस की जांच व्यापक होनी चाहिए। उन्होंने आगे मांग की कि किसी को भी बचाया न जाए, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट या स्पेशल कोर्ट में डे-टू-डे आधार पर हो ताकि 4-5 महीने में दोषियों को सजा मिल सके।
आलोक कुमार ने चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर कहा, ''न्याय का सिद्धांत है कि पहले आरोप सिद्ध होना चाहिए। मुझे कोई पत्रकार बता रहा था कि चंपत जी ने कहा है कि मैं निर्दोष हूं। मैं नैतिकता और कानून दोनों की ही बात करूंगा। चंपत जी का इसमें क्या भूमिका है? इसकी जांच होनी चाहिए।''
''चंपत राय से 4 जून के बाद से क्या एक बार भी आपने बात की है?'' इस सवाल पर आलोक कुमार ने कहा, ''हमारे अन्य अधिकारियों ने बात की है। मेरी प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है, लेकिन मैं इस बात से इनकार नहीं कर रहा हूं कि उन लोगों से चर्चा होती है। उन्होंने आगे पुष्टि की कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं, जिन्हें 6 तारीख को होने वाली ट्रस्टियों की बैठक में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से इस बात को पक्का जानता हूं कि उन दोनों ने इस्तीफा दिया है।
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इस दौरान, आलोक कुमार ने चंपत राय के उस बयान (7 जून वाले बयान) की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि ऑडिट में कुछ "उल्लेखनीय" नहीं मिला है, जबकि 4 जून को ही रिकवरी हो चुकी थी। उन्होंने कहा, ''7 जून को चंपत राय ने जो बयान दिया, वो उन्होंने क्यों दिया? यह मैं नहीं समझता हूं, लेकिन यह बयान नहीं आना चाहिए था, क्योंकि आध्यात्मिक विषयों में सत्य से समझौता नहीं करना चाहिए।
चंपत राय की क्या गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए?
जब उनसे पूछा गया कि क्या चंपत राय की गिरफ्तारी होनी चाहिए, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआईआर में 8 नाम हैं और अन्य 'अज्ञात' के खिलाफ भी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस सबूतों के आधार पर तय करेगी कि किसे गिरफ्तार करना है और कानूनी प्रक्रिया का पालन बिना किसी परिणाम की चिंता किए किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जिस-जिस पर आरोप है, उस-उस की जांच होनी चाहिए।
