PM Modi in ET Now Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'टाइम्स नेटवर्क के ग्लोबल बिजनेट समिट' को संबोधित करते हुए कहा कि अनेक व्यवधानों के बीच भारत के लिए यह दशक अभूतपूर्व डेवलपमेंट, शानदार डिलवरी और लोकतंत्र को मजबूत करने वाला रहा है। जब पिछला दशक शुरू हुआ था तो भारत 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था था। इतनी उथल-पुथल के बीच ऐसी आशंका थी कि भारत और नीचे जा सकता है, लेकिन भारत आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। पीएम मोदी ने सरकार के उठाए गए अहम कदमों के बारे में बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टाइम्स नेटवर्क के ग्लोबल बिजनेट समिट को संबोधित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 'बीते दशक में देश की करोड़ों बहनों को तीन तलाक की कुरीति से मुक्ति मिला, लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया।'
पीएम मोदी ने कहा कि सेंचुरी ऑफ चेंज का बहुत बड़ा आधार भारत ही होने जा रहा है। आज भारत दुनिया की ग्रोथ में 16 फीसदी से ज्यादा का योगदान दे रहा है। मुझे विश्वास है कि इस सेंचुरी के आने वाले हर साल में हमारा योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा।
पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि 'अगर मैं पिछले एक साल की ही बात करूं तो हमने शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री के लिए अनेक इनिशिएटिव लिए। जन विश्वास एक्ट के तहत रिफॉर्म्स को और आगे बढ़ाया। एनर्जी सिक्योरिटी के लिए शांति एक्ट बनाया। लेबर कानूनों से जुड़े रिफॉर्म्स को लागू किया। भारतीय न्याय संहिता लेकर आए। गांव में रोजगार के लिए नया जी राम जी कानून बनाया। ऐसे अनेक रिफॉर्म्स साल भर होते रहे।'
'इस दशक में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार'
पीएम मोदी ने कहा कि आज 21वीं सदी के इस दशक में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, और रिफॉर्म एक्सप्रेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हम इसे मज़बूरी में नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास के साथ, सुधार प्रतिबद्धता के साथ गति दे रहे हैं।
डिजिटल भुगतान प्रणाली जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिमूर्ति
पीएम मोदी ने कहा कि यह डिजिटल भुगतान प्रणाली जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिमूर्ति का सशक्त उदाहरण है। यह सुधार किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि हमारे दृढ़ विश्वास और संकल्प के साथ लागू किया गया, जिसने वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पिछला दशक अभूतपूर्व उथल-पुथल से भरा रहा है। बीते एक दशक में दुनिया ने बहुत कुछ झेला है, वैश्विक महामारी, अंतरराष्ट्रीय तनाव, युद्ध और सप्लाई चेन में टूटने जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि यह कहा जाता है कि किसी भी देश की असली ताकत और क्षमता का पता संकट के समय ही चलता है। वैश्विक स्तर पर आए व्यवधानों के बावजूद भारत ने खुद को साबित करके दिखाया है। और मुझे बहुत गर्व है कि कई मुश्किलों के बावजूद, यह दशक भारत के लिए विकास, बेहतरीन डिलीवरी और लोकतंत्र को मजबूत करने वाला रहा है। इस दौरान मजबूत क्रियान्वयन देखने को मिला और ऐसे प्रयास किए गए, जिन्होंने हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सशक्त बनाया।
'तकनीक और नवाचार को विकास का मुख्य आधार माना'
पीएम मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में हमने तकनीक और नवाचार को विकास का मुख्य आधार माना है। इसी सोच के तहत देश में स्टार्टअप कल्चर और हैकाथॉन कल्चर को बढ़ावा दिया गया। आज भारत में दो लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स हैं, जो देश की नवाचार क्षमता और उद्यमशीलता की ताकत को दर्शाते हैं।
