एक युग का हुआ अंत...नहीं रहे मशहूर वकील फली एस नरीमन, 95 की उम्र में निधन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 21, 2024, 09:14 AM IST

फली एस नरीमन का जन्म 10 जनवरी 1929 को म्यांमार में एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में कानून की प्रैक्टिस शुरू की थी।

Fali S Nariman: मशहूर न्यायविद् और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन का निधन हो गया है। वह 95 वर्ष के थे। नरीमन ने प्रसिद्ध राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) फैसले सहित कई ऐतिहासिक मामलों पर बहस की। वह महत्वपूर्ण एससी एओआर एसोसिएशन मामले (जिसके कारण कॉलेजियम प्रणाली का जन्म हुआ), टीएमए पाई मामला (अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक अधिकारों के दायरे पर) और कई अन्य मामलों में पेश हुए। मई 1972 में उन्हें भारत का अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया। नरीमन को जनवरी 1991 में पद्म भूषण और 2007 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

Fali S Nariman

फली एस नरीमन का निधन

एक युग का अंत...

एक्स पर एक पोस्ट में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उनका चले जाना एक युग का अंत है। उन्होंने लिखा, एक जीवित किंवदंती जो कानून और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के दिल और दिमाग में हमेशा रहेगी। अपनी कई उपलब्धियों के अलावा वह अपने सिद्धांतों पर अटल रहे और उनके प्रतिभाशाली बेटे में भी यही गुण हैं।

10 जनवरी 1929 को म्यांमार में जन्म

फली एस नरीमन का जन्म 10 जनवरी 1929 को म्यांमार में एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में कानून की प्रैक्टिस शुरू की थी। जब वे न्यूनतम योग्यता आयु से 38 वर्ष कम थे, तब उन्होंने हाई कोर्ट का जज बनने के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया था। वह 1971 से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील रहे और 1991 से 2010 तक बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया था।

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