Chhattisgarh News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला लेवी और जबरन वसूली से जुड़े एक बड़े मामले में अहम कार्रवाई करते हुए 2.66 करोड़ रुपये मूल्य की आठ अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इन संपत्तियों में जमीन के टुकड़े और आवासीय फ्लैट शामिल हैं।
ED ने छत्तीसगढ़ कोयला लेवी मामले में की कार्रवाई (फाइल फोटो | PTI)
रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां
ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां गिरफ्तार किए जा चुके छत्तीसगढ़ कैडर के एक अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया और एक अन्य आरोपी निखिल चंद्राकर द्वारा अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई थीं। जांच एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों के लिए इस्तेमाल की गई रकम अपराध से की गई कमाई थी।
अवैध कोयला लेवी से जुड़ा मामला
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर अवैध रूप से कोयला परिवहन और व्यापार से जुड़ी गतिविधियों पर लेवी वसूली और अन्य जबरन वसूली के जरिए भारी रकम जुटाई। इसी अवैध कमाई को संपत्तियों में निवेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की है। एजेंसी का कहना है कि कुर्क की गई संपत्तियां 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' यानी अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई थीं, इसलिए उन्हें जब्त किया गया है।
जांच का दायरा बढ़ा
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है और अवैध लेन-देन से जुड़े अन्य लोगों व संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में और कुर्की या गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। इस मामले में पहले ही कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एजेंसियां राज्य में कथित कोयला लेवी नेटवर्क की पूरी परतें खोलने में जुटी हैं। ईडी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
