प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल कोयला तस्करी मामले के सिलसिले में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म 'इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी' (I-PAC) से जुड़े कई ठिकानों पर नए सिरे से छापे मारे।इस कथित घोटाले की एजेंसी की चल रही जांच के तहत हैदराबाद, बेंगलुरु और दिल्ली में छापे मारे जा रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि I-PAC से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान I-PAC के निदेशकों में से एक ऋषि राज सिंह के बेंगलुरु स्थित ठिकाने पर भी ED ने तलाशी ली।
ये तलाशी कोयला तस्करी मामले में केंद्रीय एजेंसी की लगातार जारी कार्रवाई का हिस्सा हैं, जिसके तहत हाल के वर्षों में कई बार छापे मारे गए हैं और गिरफ्तारियां हुई हैं।
सोना पप्पू मामले में बड़ी कार्रवाई
वहीं इससे पहले राज्य की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोना पप्पू मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी के दौरान 1 करोड़ 20 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी जब्त की है। एजेंसी की कोलकाता टीम फिलहाल शहर के आठ अलग-अलग ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही है। ये छापे सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार, बाबू सोना उर्फ राहुल दास, सन ग्रुप और जय कमदार से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर डाले गए हैं। बताया जा रहा है कि सोना पप्पू के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आपराधिक गिरोह संचालित करने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
साइबर धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति पवन रुइया को गिरफ्तार
वहीं, एक अन्य घटना में पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने उद्योगपति पवन रुइया को मुखौटा कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिये धनशोधन कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिधाननगर साइबर अपराध पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद रुइया को कोलकाता के बाहरी इलाके न्यू टाउन में स्थित एक होटल के पास से पकड़ा गया।
