Bengal SIR: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) को तत्काल बढ़ा हुआ मानदेय जारी करने का निर्देश दिया। तृणमूल कांग्रेस महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की अध्यक्षता में टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की। यह बैठक लगभग ढाई घंटे तक चली जिसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर टीएमसी ने अपनी बात रखी।हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने कई मुद्दों पर स्पष्ट निर्देश और चेतावनी दी।
चुनाव आयोग
CEC और TMC प्रतिनिधिमंडल के बीच क्या हुई बात
अभिषेक बनर्जी के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बैठक में 8 से 10 मुद्दों पर बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसी कड़ी में चुनाव आयोग का बयान सामने आया जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से प्रत्येक बीएलओ को बढ़ा हुआ मानदेय तुरंत जारी करने को कहा। आयोग के सूत्रों के अनुसार, चुनावी कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
मतदाताओं की सुविधा और नई पोलिंग रणनीति
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में मतदाताओं की सुविधा के लिए हाई-राइज बिल्डिंग्स, गेटेड कम्युनिटीज और स्लम इलाकों में भी पोलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस जानकारी से टीएमसी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम या गलतफहमी न रहे।
चुनावी कर्मचारियों को डराने पर सख्त चेतावनी
चुनाव आयोग ने टीएमसी को दो टूक शब्दों में कहा कि उसके जमीनी स्तर के राजनीतिक प्रतिनिधि या कार्यकर्ता चुनाव ड्यूटी में लगे किसी भी कर्मचार, चाहे वे BLO हों, ERO, AERO या ऑब्जर्व उनको धमकाने या डराने में शामिल न हों। आयोग ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की डराने या कानून हाथ में लेने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
टीएमसी ने बताया संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा
टीएमसी ने बैठक के बाद कहा कि यह मुलाकात पूरी तरह संस्थागत प्रक्रिया के तहत हुई और पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात चुनाव आयोग के समक्ष रखना चाहती थी। पार्टी के मुताबिक, SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच यह बैठक महत्वपूर्ण थी और आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है।
बैठक में टीएमसी की ओर से सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ, जिसमें डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी, मोहम्मद नादिमुल हक, प्रदीप मजूमदार, चंद्रिमा भट्टाचार्य, मनस भूइंया, ममता ठाकुर, साकेत गोखले और ऋतब्रत बनर्जी भी मौजूद थे।
