Earthquake Today 28 May 2026: भारत में आज कहां भूकंप आया? क्या दिल्ली में भी भूकंप आया है? भारत (India) में आज दो राज्यों में भूकंप आया है। असम में एक के बाद एक दो भूकंप के झटके लगे हैं। सिक्किम में भी भूकंप आया है। आज भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंप की शुरुआत भूटान से हुई, उसके बाद एक के बाद एक झटके लगते रहे। दिल्ली में आज भूकंप की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है।
भारत में आज कहां भूकंप आया?
भारत में 28 मई को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on May 28)
| राज्य | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| असम | 2.7 | 07:36:32 AM | 10 KM | कामरूप |
| असम | 2.9 | 04:10:07 AM | 20 KM | श्रीभूमि |
| सिक्किम | 2.3 | 02:30:59 AM | 5 KM | गंगटोक |
दुनिया में 28 मई को कहां भूकंप आया? (May 28 Tremors Worldwide)
भारत के अलावा चीन, भूटान, म्यांमार, मेक्सिको, अमेरिका, इंडोनेशिया, चिली में भूकंप आया है। चीन में एक बाद एक दो भूकंप के झटके लगे हैं। वहीं अमेरिका के अलास्का में भूकंप आया है। इंडोनेशिया में 5.1 की तीव्रता से भूकंप आया है।
| देश | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| चीन | 4.6 | 08:07:56 AM | 10 KM | 32.789, 96.033 |
| इंडोनेशिया | 5.1 | 07:16:18 | 10 KM | सोये |
| चिली | 4.1 | 06:30:38 AM | 112 KM | कैलामा |
| अमेरिका | 5.2 | 05:55:21 | 58 KM | अलास्का |
| म्यांमार | 3.4 | 04:03:04 | 100 KM | 25.712, 95.410 |
| चीन | 4.4 | 03:59:30 | 40 KM | 33.455, 96.620 |
| भूटान | 2.4 | 00:48:30 | 5 KM | 27.359, 92.027 |
भूकंप आने पर कैसे बच सकती है जान?
भूकंप के झटके महसूस होते ही सबसे पहले खुद को शांत रखना और घबराना नहीं जरूरी है। यदि आप किसी इमारत या घर के अंदर हैं, तो तुरंत जमीन पर झुक जाएं और किसी मजबूत मेज या डेस्क के नीचे जाकर खुद को छुपा लें। अपने हाथों से सिर और गर्दन को अच्छी तरह ढक लें तथा झटके रुकने तक मेज के पैर को मजबूती से पकड़े रहें। इस दौरान कांच की खिड़कियों, भारी अलमारियों और झूमर जैसी गिरने वाली चीजों से दूरी बनाए रखें। बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें और सीढ़ियों का ही प्रयोग करें। यदि आप पहले से ही घर के बाहर हैं, तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों, तारों और पेड़ों से दूर किसी खुले मैदान की ओर चले जाएं और वहां जमीन पर बैठ जाएं। वाहन चलाते समय गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर रोककर उसके भीतर ही बैठे रहना सबसे सुरक्षित होता है।
