ई-कॉमर्स मंच, ऑनलाइन भुगतान सेवाओं का आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए हो रहा दुरुपयोग, FATF ने किया खतरे से आगाह

एफएटीएफ ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए जून में कहा था कि वित्तीय सहायता के बिना ऐसे हमले संभव नहीं थे। उसने कहा था कि वह 200 अधिकार क्षेत्रों वाले अपने वैश्विक नेटवर्क द्वारा उपलब्ध कराए गए मामलों को संकलित करते हुए आतंकवादी वित्तपोषण का व्यापक विश्लेषण करेगा।

FATF On Terror Financing: वैश्विक आतंकवाद वित्तपोषण निगरानी संस्था एफएटीएफ (FATF) ने फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकवादी हमले और गोरखनाथ मंदिर में हुई 2022 की घटना का हवाला देते हुए कहा कि ई-कॉमर्स मंच और ऑनलाइन भुगतान सेवाओं का दुरुपयोग आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए किया जा रहा है। पुलवामा आतंकवादी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 कर्मियों की मौत हो गई थी। एफएटीएफ ने ‘आतंकवादी वित्तपोषण जोखिमों पर अपने व्यापक अद्यतन’ में आतंकवाद को सरकार द्वारा प्रायोजित किए जाने को भी चिह्नित करते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचना के विभिन्न स्रोतों और इस रिपोर्ट में प्रतिनिधिमंडलों के विचार से संकेत मिलता है कि कुछ आतंकवादी संगठनों को कई राष्ट्रों की सरकारों से वित्तीय और अन्य प्रकार का समर्थन प्राप्त होता रहा है और अब भी मिल रहा है।

FATF on Terror Attack

आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए ऑनलाइन भुगतान सेवाओं का दुरुपयोग (PTI)

एफएटीएफ ने पहलगाम हमले का किया था जिक्र

एफएटीएफ ने कहा, प्रतिनिधिमंडलों ने टीएफ (आतंकवादी वित्तपोषण) के लिए सरकारी प्रायोजन के इस्तेमाल का जिक्र आतंकवादी कृत्यों में शामिल कुछ संगठनों की धन जुटाने की तकनीक या वित्तीय प्रबंधन रणनीति के तहत किया है। समर्थन के कई रूपों का जिक्र किया गया है जिसमें प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता, साजो सामान और सामग्री संबंधी सहायता या प्रशिक्षण का प्रावधान शामिल है। एफएटीएफ ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए जून में कहा था कि वित्तीय सहायता के बिना ऐसे हमले संभव नहीं थे। उसने कहा था कि वह 200 अधिकार क्षेत्रों वाले अपने वैश्विक नेटवर्क द्वारा उपलब्ध कराए गए मामलों को संकलित करते हुए आतंकवादी वित्तपोषण का व्यापक विश्लेषण करेगा। अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे।

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