Operation Sindoor: सीडीएस जनरल अनिल चौहान शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमें योजना बनाने और लक्ष्यों के चयन सहित फैसले लेने की पूरी स्वतंत्रता थी। इसका उद्देश्य आतंकवादी हमले का बदला लेना नहीं था, बल्कि अपने धैर्य की सीमा तय करना था।
यह एक बहु-क्षेत्रीय अभियान था। जिसमें साइबर युद्ध भी शामिल था। सैन्य शाखाओं के बीच समन्वय और संयुक्त लामबंदी इसका एक महत्वपूर्ण पहलू था। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने अपने बयान में आगे कहा कि देशों के सामने चुनौतियां क्षणिक नहीं हैं। वे विभिन्न रूपों में मौजूद हैं। मुझे लगता है कि चीन के साथ सीमा विवाद भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और आगे भी रहेगी।
पाकिस्तान का भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर-CDS
दूसरी बड़ी चुनौती पाकिस्तान का भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर है। जिसकी रणनीति भारत को हजार जख्मों से लहूलुहान करना है। क्षेत्रीय अस्थिरता भी चिंता का विषय है क्योंकि भारत के लगभग सभी पड़ोसी देश सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक अशांति का सामना कर रहे हैं।
एक और चुनौती यह है कि युद्ध के क्षेत्र बदल गए हैं। अब इसमें साइबर और अंतरिक्ष भी शामिल हैं। हमारे दोनों प्रतिद्वंद्वी परमाणु शक्ति संपन्न हैं और यह तय करना हमेशा एक चुनौती बना रहेगा कि हम उनके खिलाफ किस तरह के ऑपरेशन करना चाहते हैं।
