दुर्गम इलाकों में सेना के लिए एयर एंबुलेंस का काम करेगा ड्रोन, ऑर्डिनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री ने काम किया शुरू

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 22, 2024, 03:05 PM IST

जम्मू-कश्मीर की ऊधमपुर सैन्य छावनी के लिए 13 ड्रोन की आपूर्ति करने के ऑर्डर हजरतपुर स्थित आयुध उपस्कर निर्माणी को मिले हैं।

KEY HIGHLIGHTS
  • आयुध उपस्कर निर्माणी ने दो क्विंटल तक वजन उठाने में सक्षम एंबुलेंस ड्रोन पर काम किया शुरू
  • ऐरावत सीरीज के ये ड्रोन सैनिकों को तत्काल उपचार केंद्रों तक पहुंचाने का काम करेंगे
  • यह ड्रोन सीमाओं की निगरानी में भी कारगर साबित हो सकता है

दुर्गम पर्वतीय इलाके में ड्रोन अब घायल सैन्यकर्मियों को तत्काल उपचार दिलाने में एयर एंबुलेंस की तरह काम करेगा। ऑर्डिनेंस इक्विपमेंट फैक्ट्री ने दो क्विंटल तक वजन उठाने में सक्षम एंबुलेंस ड्रोन ऐरावत 3 को विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में चीन-पाकिस्तान सीमा पर अत्यधिक ऊंचाई पर फंसे घायल और बीमार सैनिकों को तत्काल उपचार केंद्रों तक पहुंचाया जा सके। यह ड्रोन सीमाओं की निगरानी में भी कारगर साबित हो सकता है। इसमें रडार सिस्टम भी जोड़ा जा रहा है ताकि बर्फीले तूफान में फंसे हुए जवानों के बारे में आसानी से पता लगाया जा सके।

drone.

दुर्गम इलाके में ड्रोन का ट्रायल

क्या बोले महानिदेशक अमित सिंह

आयुध उपस्कर निर्माणी, हजरतपुर के महानिदेशक अमित सिंह ने इसे लेकर कहा- "ड्रोन एयरावत-1 के बाद एयरावत-2 व 3 का विकास एवं उत्पादन हमारे सतत प्रयासों का नतीजा है। ड्रोन के विकास में की गई हालिया प्रगति पर हमें अत्यधिक गर्व है। टीम का समर्पण और रक्षा मंत्रालय का सहयोग हमारी सफलता में महत्वपूर्ण रहा है। हम सीमाओं को मजबूत करने, रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और भारत में रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मानवरहित हवाई परिवहन में अगुवाई करते हुए उत्साहित हैं।"

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