राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने “ऑपरेशन फायर ट्रेल” के तहत न्हावा शेवा बंदरगाह पर एक 40-फुट कंटेनर से लगभग ₹4.4 करोड़ मूल्य के 29,340 चीनी पटाखे जब्त कर तस्करी के एक बड़े अभियान का खुलासा किया है।
चीन से आयात हो रहे अवैध पटाखों का भांडफोड़।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
डीआरआई ने कहा कि खुफिया सूचना के आधार पर मॉनिटरिंग कर रहे अधिकारियों ने संदिग्ध कंटेनर की पहचान की थी जिसपर भेजे गए सामान को "कांच की बोतलें" बताया गया था। कंटेनर की तलाशी के दौरान बोतलों की ऊपरी परत के पीछे छिपाकर पैक किए गए पटाखे बरामद हुए। एक स्पष्ट प्रयास जिससे अवैध माल को वैध माल के रूप में छिपाया गया था।
पटाखो के आयात के लिए किस लाइसेंस की होती है जरूरत?
यह कार्रवाई उस रिपोर्ट के संदर्भ में हुई है कि पटाखों के अवैध आयात में पारगमन के दौरान सुरक्षित लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ायी जा रही थीं। डीआरआई ने बताया कि पटाखों के आयात के लिए विदेशी व्यापार नीति के तहत ITC (HS) वर्गीकरण के तहत विशेष लाइसेंस की आवश्यकता होती है और विस्फोटक नियम, 2008 के तहत DGFT व PESO से अनुमति अनिवार्य है।
डीआरआई ने चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस के खतरनाक सामग्रियों का आयात सार्वजनिक सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। एजेंसी ने कहा कि ऐसे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने और रोकने के लिए यह एक महत्वपूर्ण सफलता है।
मुंबई जोनल यूनिट ने अक्टूबर महीने में ₹16 करोड़ का अवैध पटाखा जब्त किया
अधिकारियों के अनुसार, केवल अक्टूबर 2025 में ही मुंबई जोनल यूनिट ने लगभग ₹16 करोड़ मूल्य के अवैध आयातित पटाखों की अलग-अलग खेपें जब्त की हैं। डीआरआई ने कहा कि जांच जारी है और संभावित आपूर्तिकर्ताओं व शिपमेंट चेन के खिलाफ और कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई तस्करी रूटों को बेनकाब करने, अवैध व्यापार नेटवर्क को तोड़ने और सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने की डीआरआई की सतत प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
