ECI Row: चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के ठीक एक दिन बाद, कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इस मांग का पुरजोर समर्थन किया है। शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ साधने के लिए किया जा रहा है।
राहुल गांधी के बाद अब डीके शिवकुमार का हमला
एएनआई के मुताबिक मीडिया से बातचीत के दौरान डीके शिवकुमार ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और यहाँ तानाशाही नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया से कोई भी संतुष्ट नहीं है। प्रक्रिया चलाए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जिस तरह से इसका राजनीतिक दुरुपयोग किया जा रहा है, वह सरासर गलत है। आयोग की जिम्मेदारी हर योग्य नागरिक को उसका लोकतांत्रिक अधिकार देने की होनी चाहिए।
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महाभियोग प्रस्ताव लाने के सवाल पर क्या बोले सीएम?
विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावना पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा कि विपक्षी दलों को अपनी बात रखने और जनता की चिंताओं को उठाने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। दरअसल, यह पूरा राजनीतिक बवाल एक मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ है, जिसमें दावा किया गया था कि अन्य दो चुनाव आयुक्तों-सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
देश के कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, असम और पश्चिम बंगाल समेत देश के कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया और सीईसी के इस्तीफे की मांग की। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों और आपसी मतभेदों की खबरों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि एक बहु-सदस्यीय संस्था में अलग-अलग राय होना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से ही लिए गए हैं।
