कोरोना से कई गुना खतरनाक है निपाह वायरस! ICMR के डीजी बोले-केरल में क्यों आ रहे संक्रमण के मामले, समझ से परे

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 15, 2023, 05:52 PM IST

Nipah Virus Outbreak : डॉ. बहल ने कहा कि हम नहीं जानते कि केरल में निपाह के मामले क्यों सामने आते रहते हैं। हमारे पास केवल 10 रोगियों के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी खुराक हैं; यह अब तक किसी को भी नहीं दी गई है। भारत ने मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की 20 और खुराक मांगी है, संक्रमण के प्रारंभिक चरण के दौरान दवा दी जानी चाहिए।

Nipah Virus Outbreak : निपाह वायरस पर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) का कहना है कि निपाह वायरस का संक्रमण कोरोना से ज्यादा 'गंभीर एवं खतरनाक' है। आईसीएमआर के महानिदेशक राजीव बहल ने शुक्रवार को कहा कि निपाह में संक्रमित लोगों की मृत्यु दर बहुत अधिक (40 से 70 प्रतिशत के बीच) है, जबकि कोविड के मामले में यह 2-3 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि निपाह के प्रकोप को रोकने के प्रयास जारी हैं। सभी संक्रमित व्यक्ति ‘इंडेक्स पेशेंट (पहला संक्रमित मरीज)’ के संपर्क में आए थे।

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केरल में गंभीर हो रहा निपाह वायरस।

'मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के प्रभाव का अभी परीक्षण नहीं हुआ'

डॉ. बहल ने कहा कि हम नहीं जानते कि केरल में निपाह के मामले क्यों सामने आते रहते हैं। हमारे पास केवल 10 रोगियों के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी खुराक हैं; यह अब तक किसी को भी नहीं दी गई है। भारत ने मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की 20 और खुराक मांगी है, संक्रमण के प्रारंभिक चरण के दौरान दवा दी जानी चाहिए। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का प्रभावकारिता परीक्षण नहीं किया गया है, केवल चरण एक का परीक्षण पूरा हुआ है; इसे केवल संभावित औषधि के रूप में ही दिया जा सकता है।

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