Delhi Riots Case: दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश से जुड़े मामले में कानूनी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। इस मामले के दो मुख्य आरोपी, शरजील इमाम (Sharjeel Imam) और उमर खालिद (Umar Khalid), ने कड़कड़डूमा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने दोनों की जमानत याचिकाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। शरजील इमाम ने कोर्ट में यह दूसरी बार नियमित जमानत के लिए अर्जी दी है। इससे पहले, इसी साल 5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका पर कोर्ट सख्त (फाइल फोटो)
शरजील इमाम के वकील ने कोर्ट में क्या कहा?
अब शरजील के वकील अहमद इब्राहिम की ओर से दायर इस नई याचिका में दलील दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बीते हुए छह महीने से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन इस केस की सुनवाई में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। याचिका में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि शरजील इमाम पिछले लगभग छह साल से जेल में बंद हैं। अभी तक मामले में आरोपियों पर आरोप तय करने की बहस भी पूरी नहीं हो पाई है, जिससे मुकदमों के जल्द खत्म होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के कुछ हालिया फैसलों और टिप्पणियों का भी हवाला दिया गया है, जिसमें लंबे समय तक जेल में रखने और ट्रायल में देरी को जमानत का आधार माना गया है।
4 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने शुक्रवार को शरजील की इस अर्जी पर पुलिस से जवाब मांगा। इससे पहले, 9 जून को कोर्ट ने इसी मामले के एक अन्य आरोपी और पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की नियमित जमानत याचिका पर भी दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोनों ही मामलों की गंभीरता को देखते हुए इनकी अगली सुनवाई के लिए 4 जुलाई की तारीख तय की है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली पुलिस इन दलीलों के खिलाफ अदालत में क्या जवाब पेश करती है, क्योंकि दोनों ही आरोपी लंबे समय से सलाखों के पीछे हैं और इस फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
