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स्वाति मालीवाल केस में दिल्ली पुलिस का एक्शन, घटना का किया रिक्रिएशन; जानें अब तक क्या-क्या हुआ

Delhi News: स्वाति मालीवाल को दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर लेकर गई। जहां मारपीट की घटना का नाट्य रूपांतरण (रिक्रिएशन) किया गया। पुलिस ने केजरीवाल के सहायक बिभव कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और मामले की जांच में जुट गई है। आपको सारा अपडेट बताते हैं।

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स्वाति मालीवाल केस से जुड़ा अपडेट जानिए।

Photo : Times Now Digital

Swati Maliwal Case: आम आदमी पार्टी में अंदरूनी कलह तेज हो चुकी है, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से सीएम आवास में मारपीट का मामला गहरा गया है। एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि अपराध को समझने के लिए उसके नाट्य रूपांतरण के वास्ते दिल्ली पुलिस ‘आप’ की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास ले गई।

घटना का नाटकीय रूपांतरण किया गया

दिल्ली पुलिस शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) की सांसद स्वाति मालीवाल को घटना के नाटकीय रूपांतरण के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर लेकर गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्यमंत्री आवास पर मालीवाल के साथ हुई कथित मारपीट मामले की जांच कर रही है।

किन धाराओं के तहत दर्ज हुई प्राथमिकी?

इससे पहले दिन में, तीस हजारी अदालत में एक मजिस्ट्रेट के सामने मालीवाल का बयान दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या का प्रयास रिपीट प्रयास, महिला के खिलाफ आपराधिक बल के इस्तेमाल समेत अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने केजरीवाल के सहायक बिभव कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

AAP ने लगाया केजरीवाल को फंसाने का आरोप

स्वाति मालीवाल से बदसलूकी का मामले में आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फंसाने की साजिश करने का आरोप लगाया है। आप नेता आतिशी का कहना है कि स्वाति मालीवाल बिना पूर्व सूचना के मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं; उनकी मंशा अरविंद केजरीवाल के विरुद्ध आरोप लगाना था।

वीडियो को लेकर आप ने किया ये बड़ा दावा

आप नेता आतिशी ने कहा कि स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि उन पर बेरहमी से हमला किया गया, लेकिन आज सामने आया वीडियो मामले की बिल्कुल अलग हकीकत दिखाता है। वीडियो में दिख रहा है कि मालीवाल, बिभव कुमार को धमकी दे रही हैं, उनके द्वारा लगाए गए आरोप आधारहीन हैं। आतिशी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है।

भाजपा पर आप ने लगाया साजिश का आरोप

आतिशी ने कहा कि स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने पर जोर दिया था, उनके सहयोगी बिभव कुमार ने कहा था कि मुख्यमंत्री व्यस्त हैं; सांसद ने चीखना शुरू कर दिया और अंदर दाखिल होने की कोशिश की। आतिशी ने दावा किया कि स्वाति मालीवाल से बदसलूकी का मामला भाजपा की साजिश, मुख्यमंत्री केजरीवाल को फंसाने के लिए मालीवाल को चेहरा बनाया गया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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