Delhi Police News: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के बारे में 'अपमानजनक सामग्री' पोस्ट करने वाले के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसेगा। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को पत्र लिखकर अपने मंच से 'अपमानजनक पोस्ट' डिलीट करने के लिए कहा है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों को निशाना बनाते हुए X पर 'अपमानजनक, दुर्भावनायुक्त एवं आपत्तिजनक कंटेंट' प्रसारित किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने इस तरह के कंटेंट को तुरंत डिलीट करने या इन्हें अपने मंच से हटाने के लिए कहा है। साथ ही जिस व्यक्ति के X अकाउंट से कंटेंट पोस्ट हुआ, उसका पूरा नाम, पता, ई-मेल आईडी सहित पूरा ब्योरा देने के लिए कहा गया है।
सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा।
पोस्ट, वीडियो संभाल कर रखने का निर्देश
यही नहीं दिल्ली पुलिस ने अकाउंट का पूरा लॉग इन एवं लॉग आउट डिटेल्स भी मांगा है। मसलन डेट स्टैंप के साथ पोस्ट का समय और वे सभी महत्वपूर्ण जानकारी X को देने के लिए कहा गया है जो जांच में सहयोग कर सकते हैं। इसके अलावा भविष्य में होने वाली किसी तरह की जांच के लिए X से कथित पोस्ट, वीडियो का ब्योरा संरक्षित करने के लिए कहा गया है। इससे पहले 27 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में 'आक्रामक एवं आपत्तिजनक' पोस्ट्स हटाने के लिए कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को निर्देश दिया था। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी पोस्ट्स 20 जुलाई को सीजेपी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा के दौरान अपलोड किए गए।
अपमानजनक पोस्ट की लगातार हो रही निगरानी-पुलिस
दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन एवं हिंसा के दौरान पीएम मोदी के बारे में कई 'गाली-गलौज एवं अपमानजनक' पोस्ट्स सोशल मीडिया प्लटेफॉर्मों पर नजर आए। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट्स की पहचान करने के लिए दिल्ली पुलिस की एक टीम लगातार निगरानी कर रही है। इस तरह के पोस्ट्स नजर आने पर उन्हें हटाने के लिए संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पीएम के बारे में कई 'आपत्तिजनक पोस्ट एवं वीडियो' सोशल मीडिया से पहले ही हटाए जा चुके हैं।
सुरक्षाबलों-प्रदर्शनकारियों के बीच हुई थी झड़प
पुलिस का कहना है कि निगरानी अभियान लगातार जारी है। साइबर और सोशल मीडिया टीमें प्रदर्शन से जुड़ी ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं, ताकि आपत्तिजनक पोस्टों की पहचान की जा सके और लागू नियमों का उल्लंघन करने वाली सामग्री के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह घटनाक्रम 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च को लेकर बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच सामने आया है। इस दौरान NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्र जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे, जहां उनकी सुरक्षा बलों के साथ झड़प हो गई।
