Air Pollution in Delhi-NCR: करवाचौथ के अगले रोज गुरुवार (दो नवंबर, 2023) को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (एनसीआर) में धुंध छाई रही। इन शहरों में इस दौरान वायु प्रदूषण के स्तर में इजाफा देखने को मिला, जबकि कई जगहों पर लोग आंखों में जलन, गले में खांसी और सांस लेने में तकलीफ से जुड़े केस से परेशान हुए। वैसे, यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली-एनसीआर में इस तरह के केस ने लोगों को छकाया हो।
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार (दो नवंबर, 2023) को कुछ ही देर के लिए हल्की-फुल्की धूप देखने को मिली।
आंकड़ों के अनुसार, देश की राजधानी में 24 घंटों का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 392 यानी 'बेहद खराब' श्रेणी में रहा। वायु गुणवत्ता के 37 निगरानी केंद्रों में से कम से कम 18 केंद्रों ने एक्यूआई को 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया। एक्यूआई मुंडका में 460, रोहिणी में 454, बवाना में 452 और आनंद विहार में 450 दर्ज हुआ।
वहीं, आनंद विहार, बवाना, मुंडका और पंजाबी बाग के वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में रहा। वहीं 28 निगरानी केंद्रो पर एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में रहा। मौसम विभाग ने दिल्ली में आगामी तीन दिनों तक हल्की धुंध छाए रहने का पूर्वानुमान लगाया है। इस बीच, अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उधर, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर दिल्ली के सभी सरकारी और निजी प्राथमिक विद्यालय अगले दो दिन तक बंद रहेंगे। साथ ही केंद्र के प्रदूषण नियंत्रण आयोग ने दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने के मद्देनजर गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों और डीजल से चलने वाले ट्रकों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया।
दरअसल, एक्यूआई शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है।
